भाजपा और कांग्रेस के लिए इन वजहों से अहम है कर्नाटक विस चुनाव 2018

PM Modi Vs Rahul Gandhi
भाजपा और कांग्रेस के लिए इन वजहों से अहम है कर्नाटक विस चुनाव 2018

Know Why Victory Of Karnataka Assembly Election 2018 For Bjp And Congress Is Crucial

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। कर्नाटक की नई विधानसभा के लिए 12 मई को मतदान होगा और 15 मई को परिणाम घोषित होने के साथ स्पष्ट हो जाएगा कि कर्नाटक का विश्वास जीतने में कौन सा राजनीतिक दल कामयाब होगा।

कर्नाटक में होने जा रहे चुनाव भले ही विधानसभा के लिए हो रहे हों, लेकिन देश की राजनीति के लिहाज से यह चुनाव बेहद अहम होगा। देश की राजनीति की दो सबसे बड़ी पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के लिए 2019 के आम चुनावों के लिए कर्नाटक चुनाव के परिणाम प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि कर्नाटक चुनाव का दोनों दलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, लेकिन इससे पहले हम आपको कर्नाटक की स्थानीय राजनीति के विषय में आपको बता देते हैं। कर्नाटक की सियासत में तीन बड़े राजनीतिक दल है, पहली कांग्रेस, दूसरी भाजपा और तीसरी पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के नेतृत्व वाली जनता दल सेक्युलर। कर्नाटक की मौजूदा विधानसभा में कांग्रेस के पास 122 विधायक हैं और भाजपा व जेडीएस के पास 40—40 विधायक हैं, जबकि अन्य 22 सीटों पर अन्य का कब्जा है।

इन विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस और भाजपा अकेले दम पर चुनाव में उतरीं हैं, जबकि जेडीएस ने बसपा के गठबंधन किया है। कर्नाटक में बसपा की सियासी पकड़ को देखते हुए जेडीएस के साथ उसके गठबंधन को औपचारिकता मात्र माना जा रहा हो, लेकिन भाजपा और कांग्रेस की दृष्टि से ये गठबंधन इन दोनों के दलित वोटबैंक में सेंधमारी करने के लिए काफी होगा।

भाजपा के लिए कर्नाटक जीतना क्यों अहम है—

1: यूपी के गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा के समर्थन से जिस तरह की जीत सपा को मिली उसने देश भर में भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों के बीच एक बार फिर तीसरा मोर्चा बनाने की कोशिशें शुरू हुई हैं। इन परिस्थितियों में भाजपा के लिए कर्नाटक की जीत मोदी लहर के अस्तित्व पर उठ रहे सवालों के जवाब का काम करेगी। विरोधियों का मनोबल टूटेगा और भाजपा कार्यकर्ताओं में एक सकारात्मक संदेश जाएगा।

2: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद 2018 के अंत में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के ​संभावित चुनावों की दृष्टि से भाजपा के लिए कर्नाटक की जीत पॉवर बूस्टर का काम करेगी।

3: कर्नाटक कांग्रेस शासित तीन राज्यों में से सबसे बड़ा राज्य है, जिसकी सत्ता कांग्रेस के हाथों से छीनने के बाद भाजपा 2019 के चुनावों के लिए कमर कस रही कांग्रेस का मनोबल तोड़ सकती है।

4: उप चुनावों में ​लगातार मिल रही हारों ने भाजपा के जिन गठबंधन दलों को आंख दिखाने का मौका दिया है, उनके तेवर नरम पड़ेगे।वहीं 2019 की लड़ाई के लिए नए सहयोगियों का साथ मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगीं।

कांग्रेस के लिए क्यों अहम है कर्नाटक विजय —

1: कांग्रेस पहले से कर्नाटक की सत्ता में काबिज है। कर्नाटक सबसे बड़ा राज्य है बचा है जहां उसकी सत्ता कायम है,​ जिसे खोना पार्टी के मनोबल को तोड़ने वाला होगा।

2: कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी की ताजपोशी होने के बाद पूर्वोत्तर में मिली हार के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठे सवालों का जवाब देने के लिए कर्नाटक को बचाए रखना जरूरी होगा।

3: ​कांग्रेस जिस तरह से देश में पीएम नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोधी दलों को अपने खेमे में लाने में जुटी है, उन कोशिशों को झटका लगेगा।

4: कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए गठबंधन कमजोर पड़ेगा और तीसरे मोर्चे के लिए शुरू हुई कोशिशों को बल मिलेगा। नई परिस्थितियों में कांग्रेस किंग मेकर की भूमिका में नजर आएगी नाकि सत्ता तक पहुंचने की स्थिति में होगी।

 

 

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। कर्नाटक की नई विधानसभा के लिए 12 मई को मतदान होगा और 15 मई को परिणाम घोषित होने के साथ स्पष्ट हो जाएगा कि कर्नाटक का विश्वास जीतने में कौन सा राजनीतिक दल कामयाब होगा। कर्नाटक में होने जा रहे चुनाव भले ही विधानसभा के लिए हो रहे हों, लेकिन देश की राजनीति के लिहाज से यह चुनाव बेहद अहम होगा। देश…