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कोराना लॉकडाउन: 5 करोड़ लोगों की जॉब गयी, शहरों में बढ़ सकती है 30.9% बेरोजगारी दर

Korana Lockdown 5 Crore People Lost Cities May Increase 30 9 Unemployment Rate

नई दिल्ली। भारत में संपूर्ण लॉकडाउन को तो दो हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन दो हफ्तों के पहले से भी राज्य सरकारों की पाबंदियों की वजह से प्राईवेट सेक्टर व व्यापार जगत में काम काज ठप्प हो गया था। वहीं अब बेरोजगारी दर बढ़कर 23.4% पर पहुंच गई है। सीएमआईई की रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन से भारत की शहरी बेरोजगारी दर 30.9% तक बढ़ सकती है, हालांकि कुल बेरोजगारी 23.4% तक बढ़ने का अनुमान है। यह रिपोर्ट अर्थव्यवस्था पर कोरोना के बुरे प्रभाव को दर्शाती है।

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सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) का अनुमान है कि बेरोजगारी दर मार्च महीने के मध्य के 8.4% से बढ़कर 23% हो गई है। सीएमआईई के आंकड़े के अनुसार, शहरी क्षेत्र में बेरोजगारी दर 15 मार्च 2020 को 8.21 फीसद थी। यह 22 मार्च 2020 को 8.66 फीसद पर आई। फिर 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद इसमें जबरदस्त तेजी आई। 29 मार्च 2020 को यह 30.01 फीसद पर जा पहुंची और फिर 5 अप्रैल 2020 के आंकड़े के अनुसार, यह 30.93 फीसद पर आ गई है।

जनवरी 2020 से गिरावट खास तौर पर देखी गई है। ऐसा लगता है कि पिछले दो वर्षों से स्थिर रहने के लिए संघर्ष करने के बाद मार्च में इसमें तेजी से गिरावट आई. अब ये औंधे मुंह गिर गया है। भारत के पूर्व मुख्य सांख्यिकीविद प्रोनब सेन का कहना है कि लॉकडाउन के केवल दो हफ्तों में लगभग पांच करोड़ लोगों ने नौकरी खो दी है। चूंकि कुछ को अभी के लिए घर भेजा गया है, इसलिए बेरोजगारी का वास्तविक दायरा और भी अधिक हो सकता है।

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