कोरी महासभा की नरैनी विधायक को ‘लालबत्ती’ देने की मांग

Kori Mahasabha Ki Nairani Vidhayak Ko Lalbati Dene Ki Mang

बांदा: उप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे बसपा उम्मीदवार गयाचरण दिनकर को भारी मतों से हरा कर भाजपा से नरैनी विधायक बने राजकरन कबीर सूबे की योगी सरकार में मंत्रिपरिषद का हिस्सा तो नहीं बन पाए, लेकिन अब बिरादरी के संगठन ‘उप्र कोरी महासभा’ ने उन्हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर ‘लालबत्ती’ से नवाजने की मांग की है। ‘उप्र कोरी महासभा’ के प्रदेश अध्यक्ष कोरी बंशगोपाल निर्मल ने गुरुवार को बांदा जिले के बबेरू क्षेत्र के अपने गांव गौरीखानपुर में आयोजित केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा, “इस विधानसभा चुनाव में राजकरन कबीर ने उप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे बसपा उम्मीदवार गयाचरण दिनकर को 48 हजार से अधिक मतों से हरा कर भाजपा को जीत दिलाई है। इतना नहीं, कबीर की बदौलत ही बांदा जिले की बबेरू, तिंदवारी व सदर सीट के अलावा और चित्रकूट जिले की कर्वी व मानिकपुर सीट में भी कोरी समाज के मतदाताओं ने एकजुटता से भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है, नतीजन सभी सीटें भाजपा की झोली में गई हैं।”




उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी नरैनी में 18 फरवरी को चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि राजकरन कबीर मेरा छोटा भाई है, अगर आप इन्हें विधायक बना दिए तो मैं मंत्री बनवाऊंगी।” निर्मल ने कहा, “मंत्रिपरिषद में जगह न मिलने पर यहां का कोरी समाज बेहद मायूस है, अब योगी सरकार कबीर को उप्र अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग का अध्यक्ष (चेयरमैन) नियुक्त कर इसकी भरपाई कर सकती है।” गोंड़ा से आए संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कोरी बाबूलाल वर्मा ने कहा कि भूखे-प्यासे बुंदेलखंड ने भाजपा को सभी उन्नीस सीटें दी हैं, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को चाहिए कि वे कबीर को ‘लालबत्ती’ के ओहदे से नवाजें, ताकि यहां का दलित आवाम भाजपा के पक्ष में एकजुट बना रहे।

सचिव हरीलाल कोरी (अमेठी) ने कहा, “कोरी समाज का राजनीतिक हौसला बरकरार रखने के लिए राजकरन कबीर को सरकार का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।” संगठन सचिव कोरी छेदीलाल (उन्नाव) ने कहा कि यहां के मतदाताओं ने कबीर को विधायक चुनकर उमा भारती को सम्मान दिया है, अब केंद्रीय मंत्री को चाहिए कि वह अपना वादा पूरा करें। उन्होंने कहा कि महासभा शीघ्र ही लखनऊ के दारूलशफा कॉमन हाल में एक भव्य समारोह आयोजित कर समाज के सभी विजयी विधायकों और मंत्रियों का सम्मान करेगी, इसकी रूपरेखा तय की जा रही है। केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक का संचालन कर रहीं संगठन महासचिव श्वेता ने कहा, “मुख्यमंत्री यदि नरैनी विधायक कबीर को आयोग में ही समायोजित करते हैं तो बुंदेलखंड ही नहीं, समूचे प्रदेश में विभिन्न अनुसूचित जातियों को भाजपा के प्रति संगठित रखने में सफलता मिलेगी। ताकि विधानसभा चुनाव की तर्ज पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी यहां की सभी चार सीटें भाजपा की झोली में हों।”




भाजपा से जिला पंचायत सदस्य कोरी मीना भारती ने भी कबीर को मंत्रिपरिषद में शामिल करने या फिर किसी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर मंत्री का दर्जा दिए जाने की पुरजोर वकालत की। इस बीच बिरादरी संगठन के संस्थापक सदस्य जगन्नाथ कोरी (पखरौली) और डॉ. सुदामा प्रसाद अनुरागी (ओरन) ने कहा कि अब भाजपा का स्वरूप बदल चुका है, भाजपा दलित और पिछड़ों को साथ लेकर चल रही है। उन्होंने आह्वान किया कि कोरी समाज के सभी नेता विभिन्न दलों को तिलांजलि देकर भाजपा के साथ जुड़ें, ताकि संत कबीर साहब के मिशन को पूरा किया जा सके।

बांदा से रामलाल जयन की रिपोर्ट

बांदा: उप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे बसपा उम्मीदवार गयाचरण दिनकर को भारी मतों से हरा कर भाजपा से नरैनी विधायक बने राजकरन कबीर सूबे की योगी सरकार में मंत्रिपरिषद का हिस्सा तो नहीं बन पाए, लेकिन अब बिरादरी के संगठन 'उप्र कोरी महासभा' ने उन्हें अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर 'लालबत्ती' से नवाजने की मांग की है। 'उप्र कोरी महासभा' के प्रदेश अध्यक्ष कोरी बंशगोपाल निर्मल ने गुरुवार को बांदा जिले के बबेरू क्षेत्र के…