जन्माष्टमी 2017: जानिए, भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने के लिए थाली में क्या-क्या रखें?

हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन को देशभर में बड़ी धूमधाम से बनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण का जन्म  भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में हुआ। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व होता है। आज हम आपके लिए लाए हैं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में खास जानकारी और इस दिन पूजा में किन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए

पूजा सामग्री- भगवान श्री कृष्ण की पूजा में कई चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। भगवान कृष्ण की मूर्ति, उनका सिंहासन, पीपल, केले, आम के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। दीपक के लिए तेल। पूजा में धूप बत्ती या अगरबत्ती का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। चावल, हल्दी, आभूषण, रोली, सिंदूर, सुपारी, पान के पत्ते आदि का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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जन्माष्टमी के दिन कई लोग निर्जल व्रत भी रखते हैं। जो लोग इस दिन व्रत रखते हैं उन्हें सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और मन में भगवान श्रीकृष्ण के नाम का जाप करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण के पूजा में ”ममखिलपापप्रशमनपूर्वक सर्वाभीष्ट सिद्धये, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रतमहं करिष्ये॥” मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान फल, जल और फूल लेकर इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

देशभर में जन्माष्टमी के दिन सभी मंदिरों को खास तौर पर सजाया जाता है। रात में 12 बजे जन्माष्टमी का व्रत खोलना शुभ माना जाता है। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके शंख में जलभर सूर्य को अर्पित करना शुभ माना जाता है। ज्योतिषियों के मुताबिक ऐसा करने से मन की मुराद पूरी होती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार अष्टमी 14 अगस्त को शाम को 7.45 पर शुरू होगी और 15 अगस्त को शाम को 5.39 पर खत्म होगी। इसलिए भगवान श्री कृष्ण के भक्त 14 अगस्त को ही व्रत रखें।

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