वकील जिसने आईसीजे में भारत का रखा दमदार पक्ष, ली केवल 1 रुपये फीस

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नई दिल्ली। कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेश्नल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत का पक्ष रखने वाले देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे ने इस केस के लिए बतौर फीस महज एक रुपया लिया। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 15 मई 2017 को एक ट्वीट में यह जानकारी दी थी कि हरीश साल्वे ने जाधव का केस लडऩे के लिए एक रुपये लिया है।

Kulbhushan Jadhav Case Harish Salve Take Only 1 Rupes For Case In Icj :

पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत की जबर्दस्त राजनयिक जीत हुई है। भारत की कूटनीतिक व कानूनी जीत के हीरो रहे जून 1955 में जन्मे देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनकी एक दिन की फीस करीब 30 लाख रुपये है लेकिन जाधव का केस उन्होंने महज एक रुपये में लड़ा।

वह 1999 से 2002 तक देश के सालीसीटर जनरल रहे। उनके पिता एनकेपी साल्वे पूर्व कांग्रेस सांसद थे। अप्रैल 2012 में उनका निधन हो गया था। पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव का केस अंतर्राष्ट्रीय अदालत में लडऩे वाले देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे ने अंतर्राष्ट्रीय अदालत आईसीजे के फैसले पर खुशी जताई है।

साल्वे ने लंदन में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा यह हमारे लिए यह सुनिश्चित करने का समय है कि जाधव को आईसीजे की तरह निष्पक्ष सुनवाई का मौका मिले। यदि पाकिस्तान अभी भी उसे निष्पक्ष सुनवाई देने में विफल रहता है तो हम वापस आईसीजे में जा सकते हैं।

नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्याय न्यायालय आईसीजे ने बुधवार को न केवल जाधव की फांसी की सजा पर रोक को बरकरार रखा बल्कि पाकिस्तान से इस पर पुनर्विचार करने के लिए भी कहा। साथ ही अदालत ने पाकिस्तान के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि भारत ने जाधव की वास्तविक नागरिकता की जानकारी नहीं दी है। अदालत का विस्तृत फैसला इसके अध्यक्ष ने पढ़ा। अदालत ने कहा कि उसे यह स्पष्ट है कि जाधव भारतीय नागरिक हैं और पाकिस्तान ने भी माना है कि जाधव भारतीय नागरिक हैं।

नई दिल्ली। कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनेश्नल कोर्ट ऑफ जस्टिस में भारत का पक्ष रखने वाले देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे ने इस केस के लिए बतौर फीस महज एक रुपया लिया। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 15 मई 2017 को एक ट्वीट में यह जानकारी दी थी कि हरीश साल्वे ने जाधव का केस लडऩे के लिए एक रुपये लिया है। पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत की जबर्दस्त राजनयिक जीत हुई है। भारत की कूटनीतिक व कानूनी जीत के हीरो रहे जून 1955 में जन्मे देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनकी एक दिन की फीस करीब 30 लाख रुपये है लेकिन जाधव का केस उन्होंने महज एक रुपये में लड़ा। वह 1999 से 2002 तक देश के सालीसीटर जनरल रहे। उनके पिता एनकेपी साल्वे पूर्व कांग्रेस सांसद थे। अप्रैल 2012 में उनका निधन हो गया था। पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव का केस अंतर्राष्ट्रीय अदालत में लडऩे वाले देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे ने अंतर्राष्ट्रीय अदालत आईसीजे के फैसले पर खुशी जताई है। साल्वे ने लंदन में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा यह हमारे लिए यह सुनिश्चित करने का समय है कि जाधव को आईसीजे की तरह निष्पक्ष सुनवाई का मौका मिले। यदि पाकिस्तान अभी भी उसे निष्पक्ष सुनवाई देने में विफल रहता है तो हम वापस आईसीजे में जा सकते हैं। नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्याय न्यायालय आईसीजे ने बुधवार को न केवल जाधव की फांसी की सजा पर रोक को बरकरार रखा बल्कि पाकिस्तान से इस पर पुनर्विचार करने के लिए भी कहा। साथ ही अदालत ने पाकिस्तान के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि भारत ने जाधव की वास्तविक नागरिकता की जानकारी नहीं दी है। अदालत का विस्तृत फैसला इसके अध्यक्ष ने पढ़ा। अदालत ने कहा कि उसे यह स्पष्ट है कि जाधव भारतीय नागरिक हैं और पाकिस्तान ने भी माना है कि जाधव भारतीय नागरिक हैं।