राजस्थान से कुमार विश्वास की छुट्टी, कविता के माध्यम से दी प्रतिक्रिया

Kumar Vishhvas, कुमार विश्वास
राजस्थान से कुमार विश्वास की छुट्टी, कविता के माध्यम से दी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को अपनी राजस्थान इकाई के प्रभारी कुमार विश्वास की छुट्टी दे दी है। कुमार विश्वास ने अपने उपर हुई इस कार्रवाई पर एक कविता के माध्यम से सवाल खड़े किए हैं। यह कविता कुमार विश्वास ने ट्वीट की है। आप ने कुमार के स्थान पर दीपक वाजपेई को राजस्थान इकाई का नया प्रभारी बनाया है। कुमार विश्वास को राजस्थान इकाई से छुट्टी दिए जाने की घोषणा प्रवक्ता आशुतोष कुमार ने की। उन्होंने…

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को अपनी राजस्थान इकाई के प्रभारी कुमार विश्वास की छुट्टी दे दी है। कुमार विश्वास ने अपने उपर हुई इस कार्रवाई पर एक कविता के माध्यम से सवाल खड़े किए हैं। यह कविता कुमार विश्वास ने ट्वीट की है। आप ने कुमार के स्थान पर दीपक वाजपेई को राजस्थान इकाई का नया प्रभारी बनाया है।

कुमार विश्वास को राजस्थान इकाई से छुट्टी दिए जाने की घोषणा प्रवक्ता आशुतोष कुमार ने की। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कुमार विश्वास की निजी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए उनसे राजस्थान का प्रभार वापस लिए जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कुमार विश्वास अपनी व्यस्तताओं के चलते राजस्थान में समय नहीं दे पा रहे हैं। जिस वजह से नेतृत्व ने पार्टी के कोषाध्यक्ष दीपक वाजपेई को राजस्थान का नया प्रभारी नियुक्त किया है।

{ यह भी पढ़ें:- पैंतीस हजार में मां—बेटी को खरीदा और फिर दुराचार के बाद कर दी हत्या ,तीन गिरफ्तार }

आप में बीते एक साल से अंदरूनी सियासत अपने चरम पर है। पार्टी के संस्थापकों में से एक कवि कुमार विश्वास और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। कुमार विश्वास पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम करने की मांग करते रहे हैं, जबकि अरविन्द केजरीवाल अपने तानाशाही रवैये से एक के बाद एक बड़े फैसले लेते रहे। पार्टी की दिल्ली इकाई में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा की बगावत के समय जिस तरह से कुमार विश्वास उनके साथ खड़े नजर आए, उससे स्पष्ट था कि पार्टी दो धड़ों में बंट चुकी है। जिसमें एक धड़ा अरविन्द केजरीवाल की हां में हां मिलाने का काम कर रहा है, जबकि दूसरा अरविन्द केजरीवाल की तानाशाही को चुनौती देने की मूड में है। अरविन्द की तानाशाही का विरोध करने वालों में पहला नाम कुमार विश्वास का था और उनके बाद मंत्री पद से हटाए गए कपिल मिश्रा।

उस समय की सियासत को साधने के लिए अरविन्द केजरीवाल ने बड़ी सूझबूझ के साथ कुमार विश्वास को पार्टी की राजस्थान इकाई का प्रभारी बना दिया था। कुमार विश्वास को राजस्थान विधानसभा चुनावों की तैयारी में लगाकर उन्होंने सोचा था कि पार्टी कार्यकर्ताओं में लोकप्रिय कुमार को राजस्थान भेजकर वह दिल्ली की सियासत का साध लेंगे।

{ यह भी पढ़ें:- दिल्ली में राशन घोटाले पर राजनीति तेज, भाजपा ने केजरीवाल को बताया छोटा लालू }

इस बीच दिल्ली में कैग रिपोर्ट के माध्यम से सामने आए 56,00 करोड़ के राशन घोटाले ने केजरीवाल सरकार को एक बार फिर सवालों में घेरने का काम किया। इस घोटाले को लेकर उनके अपनी ही पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा की ओर से बड़े आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

Loading...