क्या योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक अन्नदाता को देगी जीवनदान

लखनऊ। यूपी की नवनिर्वाचित सीएम अदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मंगलवार को होनी है। इस बैठक में प्रदेश के किसानों के भविष्य को लेकर बड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर कर्ज के बोझ के तले दबे यूपी के किसानों को उम्मीद है कि योगी सरकार अपना वादा निभाकर उन्हें एक नया जीवन देने का काम करेगी। योगी सरकार किसानों के कर्ज मांफी के लिए क्या फैसला लेती है इसके लिए हमें मंलवार शाम तक इंतजार करना पड़ेगा।




मिली जानकारी के मुताबिक योगी सरकार चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार किसानों की कर्जा माफी को अपनी पहली कैबिनेट बैठक में अमल लाने की तैयारी कर चुकी है। इसके साथ ही योगी सरकार गन्ना किसानों के बकाए के भुगतान और बुंदेलखंड में सिंचाई और पेयजल की समस्या के निदान के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है।




ऐसा बताया जा रहा है कि सरकार ने वादे के मुताबिक यूपी के छोटे और सीमांत किसानों के कर्ज को मांफ करने के लिए आंकड़े जुटा लिए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यूपी में किसानों की आबादी सवा दो करोड़ के आस पास हैं। इनमें से लभगभ आधे किसान छोटे और सीमांत किसानों के दायरे में आते हैं। इनमें जो किसान बैंकिंग व्यवस्था के अंतर्गत कर्ज का दबाव झेल रहे हैं। सरकार का अनुमान है कि कर्ज मुक्ती की योजना को लागू करने उसके खजाने पर करीब 16000 करोड़ का बोझ पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग और कृषि विभाग से इस योजना को लागू करने के लिए एक प्लान तैयार करने को कहा है। जिसमें निर्धारित होगा कि किसानों का कर्जा एकाएक मांफ किया जा सकेगा या फिर सरकार किश्तों में इस कर्ज मांफी का खाका तैयार करेगी।




वहीं कर्ज मांफी को लेकर अपनी निगाहें योगी सरकार पर टिकाए बैठे यूपी के किसानों का कहना है कि अगर सरकार अपना वादा जल्द पूरा कर देती है तो ऐसे किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन आ सकता है। 2014 से किसी न किसी प्राकृतिक आपदा के कारण अपनी फसलों के बर्बाद होने से सैकड़ों किसान कर्ज के चलते आत्महत्या कर चुके है, तो वहीं लाखों किसान कृषि को छोड़कर मजदूरी के सहारे जीवन बसर करने लगे है। ऐसे किसानों को विश्वास है कि नई सरकार की नजर अगर उनके कष्ट पर गई है तो जरूर ही उनके जीवन में बदलाव आएगा।
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