50 लाख की फिरौती के लिए घरेलू ड्राइवर ने किया था छात्र का अपहरण

ला मार्ट छात्र का अपहरण
50 लाख की फिरौती के लिए घरेलू ड्राइवर ने किया था ला मार्ट छात्र का अपहरण
लखनऊ। हज़रतगंज स्थित ला मार्ट कालेज से सोमवार को ग्यारवीं के छात्र अरनव के अपहरण के मामले में सोमवार को पुलिस की गिरफ्त से बचने में कामयाब रहे दूसरे बदमाश अजय राय को लखनऊ पुलिस ने मंगलवार की सुबह एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सोमवार को आईजी रेंज सुजीत पाण्डेय के नेतृत्व में चलाए गए आपॅरेशन में पुलिस अपहृत छात्र को सकुशल बरामद कर अपहरकर्ता घरेलू ड्राइवर संतोष को गिरफ्तार कर लिया था। संतोष ने पुलिस…

लखनऊ। हज़रतगंज स्थित ला मार्ट कालेज से सोमवार को ग्यारवीं के छात्र अरनव के अपहरण के मामले में सोमवार को पुलिस की गिरफ्त से बचने में कामयाब रहे दूसरे बदमाश अजय राय को लखनऊ पुलिस ने मंगलवार की सुबह एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले सोमवार को आईजी रेंज सुजीत पाण्डेय के नेतृत्व में चलाए गए आपॅरेशन में पुलिस अपहृत छात्र को सकुशल बरामद कर अपहरकर्ता घरेलू ड्राइवर संतोष को गिरफ्तार कर लिया था। संतोष ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि उसने अरनव के पिता से 50 लाख की फिरौती बसूलने के लिए अपहरण की योजना बनाई थी।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सर्वोदय नगर निवासी कारोबारी अनूप कुमार अग्रवाल का बेटा अरनव ला मार्ट कालेज में 11 वीं का छात्र है। रोज की तरह अरनव घरेलू ड्राइवर संतोष के साथ स्कूल के लिए निकला था, लेकिन छुट्टी के बाद वापस नहीं लौटा। उसके दोस्तों से बात करने और स्कूल में फोन करने पर पता चला कि अरनव स्कूल गया ही नहीं था। जिसके बाद अरनव के पिता ने डीजीपी कार्यालय में संपर्क कर अपने बेटे का अपहरण होने की जानकारी प्रदान की और अपने ड्राइवर संतोष पर घटना को अंजाम देने का शक जाहिर किया।

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डीजीपी के निर्देश पर आईजी रेंज सुजीत पाण्डेय ने पड़ताल शुरू की तो इटौंजा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी दिखने पर सीतापुर पुलिस से संपर्क किया। सीतापुर पुलिस की ओर से चलाए गए सर्च ऑपरेशन में अरनव को मानपुर जंगल से बरामद करते हुए अपहरण कर्ता चालक संतोष को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अजय राय मौके पर नहीं मिला। जिसे मंगलवार को लखनऊ पुलिस ने भैंसाकुंड के पास मुठभेड़ में एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है।

50 लाख की फिरौती लेने की थी योजना —

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लखनऊ पुलिस का कहना है कि वारदात के सूत्रधार संतोष ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने अरनव का अपहरण कर 50 लाख की फिरौती बसूलने की योजना बनाई थी। जिसके लिए उसने अजय राय को अपने साथ लिया था।

पुलिस मुठभेड़ की थ्यौरी पर उठ रहे सवाल—

लखनऊ पुलिस का दावा है कि इस वारदात में शामिल दूसरे अपहरणकर्ता को उसने मंगलवार की सुबह भैंसाकुंड के पास एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। उसके एक पैर में गोली लगी है और उसके पास से .315 बोर का देशी कट्टा बरामद हुआ है। जिसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

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अब सवाल उठता है कि अजय राय जोकि एक शातिर अपराधी है, जोकि कुछ घंटों पहले ही पुलिस के सर्च आपॅरेशन में शामिल 200 जवानों की टीम को चकमा देने में कामयाब रहा था, जबकि उसका साथी संतोष पुलिस के हत्थे चढ़ चुका था। ऐसे में अजय राय का वापस लखनऊ आना और भैंसाकुंड जैसे क्षेत्र में छिपने की कहानी गले से नहीं उतरती क्योंकि भैंसाकुंड राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाकों में है, और पुलिस मुख्यालय से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस की थ्यौरी के हिसाब से अजय राय फरार होने के बजाय लखनऊ वापस आया था, जबकि उसे मालूम था कि अपहृत छात्र और अपहरण कर्ता संतोष दोनों ही पुलिस के पास हैं।

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