हैवानियत: जंजीरों से बांधकर उखाड़ दिये नाखून, बिना खाना दिये कराते रहे मजदूरी

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हैवानियत: जंजीरों से बांधकर उखाड़ दिये नाखून, बिना खाना दिये कराते रहे मजदूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां दैनिक मजूदरी करने वाले दो मजदूरों के साथ हैवानों की तरह बर्ताव किया गया और उन्हे बंधक बनाकर मजदूरी कराई गयी। इस दौरान मजदूरों को मोटी जंजीरों से बांधकर रखा गया और उनके नाखून तक उखाड़ दिये गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मजदूर ने पुलिस की गाड़ी के आगे लेटकर पूरी व्यथा सुनाई। पुलिस ने छापेमारी कर बंधक मजदूरों को मुक्त करा लिया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

Labourers Tied Up And Tortured In Jhansi :

मिली जानकारी के मुताबिक, इलाहाबाद के रामबाग निवासी शिवम सिंह और टीकमगढ़ के चकरपुर स्थित रातौली गांव निवासी बब्लू अहिरवार मजदूरी करते हैं। करीब 11 दिन पहले दोनों मजदूरी करने के बाद चित्रा चौराहा स्थित सबका मालिक एक (आस्थाना) पर खाना खाकर आराम कर रहे थे। इसी बीच रक्सा के गांव शिवगढ़ मवई में रहने वाले दबंग ने अपने साथियों के साथ आकर दोनों को बुलाया और मजदूरी की बात कहकर गाड़ी में बैठा ले गए।

दबंगों ने दोनों मजदूरों को बंधक बनाकर मजदूरी करानी शुरू कर दी। करीब 11 दिन तक दोनों भूखे व बिना दिहाड़ी के काम करते रहे। शनिवार की दोपहर शिवम बेड़ियों से बंधा था और बब्लू मजदूरी कर रहा था। इसी बीच स्वॉट टीम प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी बदमाशों की तलाश में गांव से निकल रहे थे। यह देखकर बब्लू अहिरवार भागकर पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गया। इसके बाद मजदूर ने पुलिस टीम को व्यथा सुनाई। पुलिस को देखकर भाग रहे दबंग को पकड़ लिया, जबकि उसका पुत्र व साथी भाग निकले। स्वॉट टीम ने दोनों को कार्रवाई के लिए रक्सा पुलिस के हवाले कर दिया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां दैनिक मजूदरी करने वाले दो मजदूरों के साथ हैवानों की तरह बर्ताव किया गया और उन्हे बंधक बनाकर मजदूरी कराई गयी। इस दौरान मजदूरों को मोटी जंजीरों से बांधकर रखा गया और उनके नाखून तक उखाड़ दिये गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक मजदूर ने पुलिस की गाड़ी के आगे लेटकर पूरी व्यथा सुनाई। पुलिस ने छापेमारी कर बंधक मजदूरों को मुक्त करा लिया है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।मिली जानकारी के मुताबिक, इलाहाबाद के रामबाग निवासी शिवम सिंह और टीकमगढ़ के चकरपुर स्थित रातौली गांव निवासी बब्लू अहिरवार मजदूरी करते हैं। करीब 11 दिन पहले दोनों मजदूरी करने के बाद चित्रा चौराहा स्थित सबका मालिक एक (आस्थाना) पर खाना खाकर आराम कर रहे थे। इसी बीच रक्सा के गांव शिवगढ़ मवई में रहने वाले दबंग ने अपने साथियों के साथ आकर दोनों को बुलाया और मजदूरी की बात कहकर गाड़ी में बैठा ले गए। दबंगों ने दोनों मजदूरों को बंधक बनाकर मजदूरी करानी शुरू कर दी। करीब 11 दिन तक दोनों भूखे व बिना दिहाड़ी के काम करते रहे। शनिवार की दोपहर शिवम बेड़ियों से बंधा था और बब्लू मजदूरी कर रहा था। इसी बीच स्वॉट टीम प्रभारी उमेश चंद्र त्रिपाठी बदमाशों की तलाश में गांव से निकल रहे थे। यह देखकर बब्लू अहिरवार भागकर पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गया। इसके बाद मजदूर ने पुलिस टीम को व्यथा सुनाई। पुलिस को देखकर भाग रहे दबंग को पकड़ लिया, जबकि उसका पुत्र व साथी भाग निकले। स्वॉट टीम ने दोनों को कार्रवाई के लिए रक्सा पुलिस के हवाले कर दिया।