ये है यूपी का स्वास्थ्य महकमा, विधायक के गांव के मरीज का है ये हाल.. तो आप क्या हैं ?

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ये है यूपी का स्वास्थ्य महकमा, विधायक के गांव के मरीज का है ये हाल.. तो आप क्या हैं ?

लखीमपुर-खीरी। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी और राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही स्वास्थ्य सम्बन्धी तमाम योजनायें चला रही हों और अन्य तमाम जगहों पर इन योजनाओं को अमली जामा पहनाते हुए क्रियान्वित भी किया जा रहा हो, लेकिन जनपद खीरी के मोहम्मदी में स्थिति इससे बिल्कुल इतर है। कहते हैं कि डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं, लेकिन बात अगर मोहम्मदी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की की जाय तो यहां ये कहना बेमानी ही होगा। यहां अपनी अव्यवस्थाओ एवं मरीजो, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओ के साथ भी डाक्टर एवं स्टाफ के द्वारा क्रूरता पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है।

Lakhimpur Kheiri Health Department :

ताज़ा मामला शनिवार का है। प्रातः विधायक जी के गांव राजापुर बैनी के मजरा जरिया की पहले प्रसव पीड़ा से परेशान महिला प्रातः अस्पताल आयी। यहां वो फर्श पर पड़ी तड़पती रही ।एक ओर जहां उसे डाक्टर ने अभी समय नहीं है कहकर टरका दिया तो वहीं दूसरी ओर महिला स्टाफ ने उसे यह कहकर भगा दिया कि यहां से लेकर जाओ। पीड़ित महिला की बहन व सास ने अस्पताल की डाक्टर व स्टाफ नर्स पर बिना उपचार किये अस्पताल से भगाने का आरोप लगाया है। इस संदर्भ में जब अधीक्षक से जानकारी कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उनका फोन नहीं उठा। सूत्र बताते हैं कि अगर कोई मरीज या उसके परिजन भ्रष्टाचार का विरोध करे तो पूरा स्टाफ उत्पीड़नात्मक कृत्य करने पर अमादा हो जाता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय भाजपा विधायक लोकेन्द्र प्रताप सिंह के गांव राजापुर बैनी के मजरा जरिया निवासी मोहित कुमार अपनी प्रथम प्रसव पीड़ा से परेशान पत्नी अराधना (24) को अपनी मां व बड़ी साली के साथ लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आये, जहां डाक्टर ने देखने की रस्म अदाकर उसे टरका दिया। महिला फर्श पर पड़ी दर्द से तड़पती रही। स्टाफ नर्स ने उसे घर ले जाने को कह कर अस्पताल से भगा दिया। जिस कारण अराधना जो दर्द से परेशान थी उसकी बड़ी बहन व सास गेट पर लिये पड़ी रही। जहां से भी उसे भगाया जाता रहा।

प्रसव पीड़ा से तड़प रही अराधना की बड़ी बहन साधना मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि डाक्टर ने न तो सही तरह से देखा और कुछ बताया बस भगा दिया अब हमें यहां गेट पर से भी भगाया जा रहा है। सीएचसी की इस डाक्टर के इस अमानवीय व्यवहार से ये अकेली अराधना ही नही रोज तमाम महिलाये गुजरती रहती है। ये हाल जब विधायक जी के गांव के मरीजो के साथ हो रहा है , तो ऐसे में आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के अन्य मरीजों के साथ सीएचसी में कैसा व्यवहार होता होगा।

ये घटना तो एक बानगी मात्र है , यही नहीं यहां अगर ऐसे मरीजो के साथ परिवार का कोई पुरूष यहां अस्पताल में व्याप्त तानाशाही व भ्रष्टाचार का विरोध करे तो उसे गलत-सलत आरोप व फर्जी तोड़-फोड़ का आरोप लगाकर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। सीएचसी में फैली इस अव्यवस्था पर जब अधीक्षक से उनके मोबाइल नम्बर 9838991607 पर फोन कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन उठाने की जहमत तक नहीं उठाई।

जब इसकी जानकारी उपजिलाधिकारी स्वाति शुक्ला को दी गयी तो उन्होने कहा कि मै अभी तुरन्त स्वंय देखती हूं अगर ऐसा अमानवीय कृत्य किया गया है तो कार्यवाही की जायेगी। एसडीएम के द्वारा जब इस संदर्भ में पूछताछ शुरू हुई तो अस्पताल मे हड़कंप सा मच गया। वही सत्ता पक्ष के नेताओ ने इस प्रकरण को विधायक के संज्ञान में लाने की बात कही है। सूत्रो की माने तो यहां महिला मरीजो के साथ महिला स्टाफ ही सबसे अधिक कूर्रता पूर्ण व्यवहार करता है तथा अवैध धन उगाही करता है, जिसके दुष्परिणाम क्षेत्र की गरीब जनता को भुगतने पड़ रहे है और जिम्मेदार आंखे मूंदे कुंभकर्णी नींद सोने में मस्त हैं।

रिपोर्ट- एस डी त्रिपाठी
लखीमपुर खीरी

लखीमपुर-खीरी। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी और राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार भले ही स्वास्थ्य सम्बन्धी तमाम योजनायें चला रही हों और अन्य तमाम जगहों पर इन योजनाओं को अमली जामा पहनाते हुए क्रियान्वित भी किया जा रहा हो, लेकिन जनपद खीरी के मोहम्मदी में स्थिति इससे बिल्कुल इतर है। कहते हैं कि डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं, लेकिन बात अगर मोहम्मदी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की की जाय तो यहां ये कहना बेमानी ही होगा। यहां अपनी अव्यवस्थाओ एवं मरीजो, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओ के साथ भी डाक्टर एवं स्टाफ के द्वारा क्रूरता पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। ताज़ा मामला शनिवार का है। प्रातः विधायक जी के गांव राजापुर बैनी के मजरा जरिया की पहले प्रसव पीड़ा से परेशान महिला प्रातः अस्पताल आयी। यहां वो फर्श पर पड़ी तड़पती रही ।एक ओर जहां उसे डाक्टर ने अभी समय नहीं है कहकर टरका दिया तो वहीं दूसरी ओर महिला स्टाफ ने उसे यह कहकर भगा दिया कि यहां से लेकर जाओ। पीड़ित महिला की बहन व सास ने अस्पताल की डाक्टर व स्टाफ नर्स पर बिना उपचार किये अस्पताल से भगाने का आरोप लगाया है। इस संदर्भ में जब अधीक्षक से जानकारी कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उनका फोन नहीं उठा। सूत्र बताते हैं कि अगर कोई मरीज या उसके परिजन भ्रष्टाचार का विरोध करे तो पूरा स्टाफ उत्पीड़नात्मक कृत्य करने पर अमादा हो जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय भाजपा विधायक लोकेन्द्र प्रताप सिंह के गांव राजापुर बैनी के मजरा जरिया निवासी मोहित कुमार अपनी प्रथम प्रसव पीड़ा से परेशान पत्नी अराधना (24) को अपनी मां व बड़ी साली के साथ लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आये, जहां डाक्टर ने देखने की रस्म अदाकर उसे टरका दिया। महिला फर्श पर पड़ी दर्द से तड़पती रही। स्टाफ नर्स ने उसे घर ले जाने को कह कर अस्पताल से भगा दिया। जिस कारण अराधना जो दर्द से परेशान थी उसकी बड़ी बहन व सास गेट पर लिये पड़ी रही। जहां से भी उसे भगाया जाता रहा। प्रसव पीड़ा से तड़प रही अराधना की बड़ी बहन साधना मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि डाक्टर ने न तो सही तरह से देखा और कुछ बताया बस भगा दिया अब हमें यहां गेट पर से भी भगाया जा रहा है। सीएचसी की इस डाक्टर के इस अमानवीय व्यवहार से ये अकेली अराधना ही नही रोज तमाम महिलाये गुजरती रहती है। ये हाल जब विधायक जी के गांव के मरीजो के साथ हो रहा है , तो ऐसे में आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के अन्य मरीजों के साथ सीएचसी में कैसा व्यवहार होता होगा। ये घटना तो एक बानगी मात्र है , यही नहीं यहां अगर ऐसे मरीजो के साथ परिवार का कोई पुरूष यहां अस्पताल में व्याप्त तानाशाही व भ्रष्टाचार का विरोध करे तो उसे गलत-सलत आरोप व फर्जी तोड़-फोड़ का आरोप लगाकर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। सीएचसी में फैली इस अव्यवस्था पर जब अधीक्षक से उनके मोबाइल नम्बर 9838991607 पर फोन कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन उठाने की जहमत तक नहीं उठाई। जब इसकी जानकारी उपजिलाधिकारी स्वाति शुक्ला को दी गयी तो उन्होने कहा कि मै अभी तुरन्त स्वंय देखती हूं अगर ऐसा अमानवीय कृत्य किया गया है तो कार्यवाही की जायेगी। एसडीएम के द्वारा जब इस संदर्भ में पूछताछ शुरू हुई तो अस्पताल मे हड़कंप सा मच गया। वही सत्ता पक्ष के नेताओ ने इस प्रकरण को विधायक के संज्ञान में लाने की बात कही है। सूत्रो की माने तो यहां महिला मरीजो के साथ महिला स्टाफ ही सबसे अधिक कूर्रता पूर्ण व्यवहार करता है तथा अवैध धन उगाही करता है, जिसके दुष्परिणाम क्षेत्र की गरीब जनता को भुगतने पड़ रहे है और जिम्मेदार आंखे मूंदे कुंभकर्णी नींद सोने में मस्त हैं। रिपोर्ट- एस डी त्रिपाठी लखीमपुर खीरी