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Lakhimpur Kheri Violence : घायल किसान नेता का आरोप- यूपी पुलिस हमलावरों की कर रही है मदद

Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर योगी सरकार ने किसानों की सारी शर्तें मान ली हैं, लेकिन गुनहगारों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत (Farmer leader Rakesh Tikait) ने सोमवार को सरकार के साथ सुलह के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया था, लेकिन सवाल ये है कि एफआईआर (FIR ) दर्ज होने के बाद भी आरोपी आजाद कैसे घूम रहे हैं?

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर योगी सरकार ने किसानों की सारी शर्तें मान ली हैं, लेकिन गुनहगारों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत (Farmer leader Rakesh Tikait) ने सोमवार को सरकार के साथ सुलह के बाद अपना आंदोलन खत्म कर दिया था, लेकिन सवाल ये है कि एफआईआर (FIR ) दर्ज होने के बाद भी आरोपी आजाद कैसे घूम रहे हैं? इस हादसे में चार किसानों सहित नौ लोगों को गाड़ी से कुचल मार डाला गया, जबकि कई जख्मी हो गए है। हादसे में जख्मी किसान नेता तजिंदर विर्क (Farmer leader Tajinder Virk)  गंभीर हालत में मेदांता अस्पताल में भर्ती है. जहां उनका इलाज चल रहा है।

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लखीमपुर (Lakhimpur ) में किसानों के प्रदर्शन को बुलाने वाले किसान नेता तजिंदर विर्क (Farmer leader Tajinder Virk) ने एक हिंदी न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि ये हमें मारने की साजिश रची गई थी। विर्क ने हादसे का आँखों देखा हाल बताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा (Ajay Mishra)  ने बयान दिया था कि वह किसानों को लखीमपुर (Lakhimpur ) में क्या यूपी में नहीं रहने देंगे। अजय मिश्रा (Ajay Mishra)  के इसी बयान के खिलाफ हम प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान हम लगातार एसपी और डीएम के संपर्क में थे।

विर्क ने बताया कि वहां यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य (UP Deputy CM Keshav Maurya) आ रहे थे। तो हम लोग रास्ते में काले झंडे दिखाने के लिए खड़े थे। फिर 3 बजे के करीब हमें बताया गया कि रूट बदल दिया गया है। हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से वापस जाने लगे। तभी अचानक से पीछे से बहुत तेज रफ्तर में गाड़ियों आईं और हमें पीछे से टक्कर मारी। वापस जा रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी गई और उस गाड़ी में अजय मिश्रा (Ajay Mishra)  का बेटा और उसके लोग सवार थे। उसके बाद मुझे कुछ होश नहीं था।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि गाड़ी की रफ़्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा थी। हमें जानबूझकर कर पीछे से टक्कर मारी गई। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। हमारी तरफ से पहले कोई लाठी या पत्थर नहीं चलाया गयाा था। आक्रोशित भीड़ ने बाद में उन पर हमला कर दिया। हमारे ही लोगों ने कुछ लोगों को बचाया और पुलिस के हवाले किया। पुलिस वाले वहां मौजूद थे। मैं ईमानदारी से गवाही देने को तैयार हैं।

किसान नेता ने कहा कि 72 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक अजय मिश्रा (Ajay Mishra)  की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अजय मिश्रा (Ajay Mishra) को मंत्री पद से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि मैं सभी किसानों से अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें। योगी सरकार की पुलिस ही हमलावरों की मदद कर रही है। बिना किसी हिंसा के हम लोग शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।

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