हाथियों ने मचाया उत्पात, दहशत में ग्रामीण

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हाथियों ने मचाया उत्पात, दहशत में ग्रामीण

लखीमपुर-खीरी। जिले की निघासन तहसील क्षेत्र में जंगल से भटककर आबादी की तरफ पहुंचे जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है। वन विभाग की टीम भी पूरा दिन हाथियों के पीछे भागती रही। शाम को पहुंचे एसडीओ व एसटीपीएफ की टीम भी हाथियों को जंगल की ओर ले जाने का प्रयास करते रहे।

Lakhimpur Khiri Hathiyo Ne Machaya Utpaat :

गुरुवार रात बैरिया जंगल से तीन हाथी निकलकर आबादी क्षेत्र में पहुंच गये है। हाथियों ने क्षेत्र के गांव ढखेरवा खालसा निवासी सियाराम के गन्ने के खेत में जमकर उत्पात मचाया और महादेव के घर के बाहर खड़े इंजन को पलट दिया। गांव के ही सुरेश कुमार, शैलेन्द्र कुमार व इतवारी आदि के सरसों के खेतों को जमकर रौंदा। ग्रामीणों को भनक लगते ही सैकड़ो लोग खेतों की तरफ पहुंच गये। उन्होनें शोर शराबा कर हाथियों को किसी तरह खेत से खदेड़ा दिया।

हाथी वहां से निकलकर गांव सहते पुरवा पहुंच गए, जहां पर गांव के बाहर स्वामी दयाल के कोल्हू पर बने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। हाथियों को देखकर आसपास सो रहे मजदूर भाग खडे़ हुये और वन विभाग को सूचना दी। खबर पाकर पहुँचे वन क्षेत्राधिकारी पलटूराम राना, वन दरोगा शिव बाबू सरोज, राकेश गुप्ता, मनोज यादव आदि ने खेतों में पदचिन्ह देखकर हाथियों के होने की पुष्टि करते हुये लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इस बावत वन क्षेत्राधिकारी पलटू राम राना ने बताया कि हाथियों की सूचना मिलते ही पूरी टीम सहते पुरवा गांव पहुंची थी। उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने के लिये एसटीपीएफ टीम समेत वन विभाग की टीम पूरा दिन चखरा गांव में लगी रही है।देर शाम चखरा पहुंचे एसडीओ जगदम्बिका प्रसाद ने हाथियों की मौजूदगी वाले जोगेंद्र सिंह के खेत का मुआयना करते हुए टीम को निर्देशित किया है।

एसडी त्रिपाठी
लखीमपुर-खीरी

लखीमपुर-खीरी। जिले की निघासन तहसील क्षेत्र में जंगल से भटककर आबादी की तरफ पहुंचे जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया है। वन विभाग की टीम भी पूरा दिन हाथियों के पीछे भागती रही। शाम को पहुंचे एसडीओ व एसटीपीएफ की टीम भी हाथियों को जंगल की ओर ले जाने का प्रयास करते रहे।गुरुवार रात बैरिया जंगल से तीन हाथी निकलकर आबादी क्षेत्र में पहुंच गये है। हाथियों ने क्षेत्र के गांव ढखेरवा खालसा निवासी सियाराम के गन्ने के खेत में जमकर उत्पात मचाया और महादेव के घर के बाहर खड़े इंजन को पलट दिया। गांव के ही सुरेश कुमार, शैलेन्द्र कुमार व इतवारी आदि के सरसों के खेतों को जमकर रौंदा। ग्रामीणों को भनक लगते ही सैकड़ो लोग खेतों की तरफ पहुंच गये। उन्होनें शोर शराबा कर हाथियों को किसी तरह खेत से खदेड़ा दिया।हाथी वहां से निकलकर गांव सहते पुरवा पहुंच गए, जहां पर गांव के बाहर स्वामी दयाल के कोल्हू पर बने कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। हाथियों को देखकर आसपास सो रहे मजदूर भाग खडे़ हुये और वन विभाग को सूचना दी। खबर पाकर पहुँचे वन क्षेत्राधिकारी पलटूराम राना, वन दरोगा शिव बाबू सरोज, राकेश गुप्ता, मनोज यादव आदि ने खेतों में पदचिन्ह देखकर हाथियों के होने की पुष्टि करते हुये लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।इस बावत वन क्षेत्राधिकारी पलटू राम राना ने बताया कि हाथियों की सूचना मिलते ही पूरी टीम सहते पुरवा गांव पहुंची थी। उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने के लिये एसटीपीएफ टीम समेत वन विभाग की टीम पूरा दिन चखरा गांव में लगी रही है।देर शाम चखरा पहुंचे एसडीओ जगदम्बिका प्रसाद ने हाथियों की मौजूदगी वाले जोगेंद्र सिंह के खेत का मुआयना करते हुए टीम को निर्देशित किया है।एसडी त्रिपाठी लखीमपुर-खीरी