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पिता लालू यादव से मिलकर भावुक हुए तेजस्वी, पढ़ें पूरा पत्र

Lalu Prasad Yadav Birthday Tejashwi Yadav Wrote A Emotional Letter For Bihar

By बलराम सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुखिया और बिहार के पूर्व लालू प्रसाद यादव का आज 73वां जन्मदिन है। इस मौके पर उनके छोटे बेटे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव उन्हें बधाई देने रांची स्थित रिम्स पहुंचे। बेटे तेजस्वी को देखते ही लालू काफी खुश हुए। उन्होंने बेटे को सीने से लगा लिया। यहां लालू ने अपने जन्मदिन का केक भी काटा।

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वहीं, पत्नी राबड़ी देवी और बड़े बेटे तेज प्रताप ने ट्वीट कर लालू को बधाई संदेश भेजा है। पिता लालू यादव से मिलने के बाद तेजस्वी ने बिहार के लाेगों के लिए एक भावात्मक चिट्ठी लिखी है। इसे फेसबुक पर पोस्ट करने के साथ तेजस्वी ने अपने पिता के साथ वाली फोटो भी लगाई है।

ये है पत्र- 

प्रिय बिहारवासियों,

आज पिता जी से उनके अवतरण दिवस पर मिलने रांची आया हूं। उनके जन्मदिवस पर अलग-अलग तरह के भाव मन में आ रहें हैं। मन थोड़ा व्यथित है कि वो हमसे दूर अकेले संघर्ष कर रहे हैं, और थोड़ा सशक्त भी क्योंकि उनका जन्मदिन मुझे और अधिक प्रेरणा देता है उनकी तरह ही मुखरता से गरीब, गुरबों, शोषित, पीड़ित, उपेक्षित और वंचितों की लड़ाई बिना सिद्धांतों से समझौता किए लड़ूं।

अपने पिता के जीवन की यात्रा पर जब भी नजर डालता हूं, ऐसा लगता है क्या अद्भुत और बिरला जज्बा लिए हैं। आदरणीय लालू जी, ऊंच-नीच के विरुद्ध लड़ाई लड़े, बिहार की तमाम सामाजिक विसंगतियों को खत्म किया। गरीब के हक का झंडा बुलंद किया और चाहे कितनी भी विषम परिस्थिति आई, कभी घुटने नहीं टेके, कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

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विषम हालात अच्छे-अच्छों को तोड़ देते हैं, षडयंत्र व समर्पण करने को मजबूर कर देते है। वर्षों का दुष्प्रचार इंसान का आत्मविश्वास छीन लेता है लेकिन ये भी अनुकरणीय है कि विषम हालात, अनगिनत षडयंत्र और लगातार दुष्प्रचार भी लालू जी के हौसले को तोड़ नहीं पाए, उनके सिद्धांतों को झुका नहीं पाए, जनसेवा के लिए समर्पित उनके कदमों को रोक नहीं पाए अपितु उनके हौसलों को मजबूत ही किया।

वो लड़ रहे हैं आज भी, बिना थके, बिना झुके….और मुझे गर्व है कि बिहार के लोगों के हक के लिए उनकी इस लड़ाई में मैं भी भागी बना हूं, इसलिए आज उनके जन्मदिन पर में यह प्रण लेता हूं कि बिहार के युवाओं और गरीबों को हर हालत में न्याय दिला कर रहूंगा। बस ….. बहुत हो चुका जातिवाद, सम्प्रदायवाद, बहुत हो चुकी बीमारी के दौरान फैली अव्यवस्था से मौतें, बहुत देख ली गरीब ने रोटी की भूख, बहुत रह लिया हमारा युवा बेरोजगार, बहुत सह लिया हमारे भाइयों ने, उनके परिवारों ने पलायन का दर्द, कुशासन ने छीन ली बहुत जानें, सड़कों पर बहुत बेहाल हो चुका बिहारी …..सरकार ने 15 साल राज करते-करते बहुत ठीकरा फोड़ लिया दूसरों पर….. अब और नहीं होने दूंगा ….. भुखमरी से, अपराध से, अव्यवस्था से, अन्याय से अब जान नहीं खोने दूंगा।

आज पिता जी के 73वें जन्मदिन पर हम कम से कम 73000 गरीबों को खाना खिलाएंगे, उनके माथे से चिंता हटाएंगे और फिर पिता की प्रेरणा से ही बिहार को इस कठिन समय से निजात दिलाएंगे।

लालू जी की प्रेरणा से जो कदम बिहार की सेवा के लिए चल पड़े हैं …. वो कदम रुकेंगे नहीं, कभी थकेंगे नहीं।

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