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लालू बोले-पूर्णिया में बिना हवाई अड्डा अमित शाह ने उड़ा दिए जहाज , इतना सफेद झूठ बोलने की हिम्मत कहां से जुटाते हैं?

आरजेडी (RJD)  प्रमुख लालू यादव  (Lalu Yadav) शनिवार को बीजेपी  (BJP पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वह और नीतिश कुमार (Nitish Kumar) रविवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। हम विपक्ष को इकट्ठा करने की पूरी कोशिश करेंगे। नई दिल्ली पहुंचे लालू यादव (Lalu Yadav)  से जब पूछा गया कि क्या वे साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से बेदखल करेंगे, तो उन्होंने कहा कि हां, हम उन्हें उखाड़ फेंकेगे। कितनी बार मुझे ये बात कहनी होगी।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। आरजेडी (RJD)  प्रमुख लालू यादव  (Lalu Yadav) शनिवार को बीजेपी  (BJP) पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वह और नीतिश कुमार (Nitish Kumar) रविवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। हम विपक्ष को इकट्ठा करने की पूरी कोशिश करेंगे। नई दिल्ली पहुंचे लालू यादव (Lalu Yadav)  से जब पूछा गया कि क्या वे साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को सत्ता से बेदखल करेंगे, तो उन्होंने कहा कि हां, हम उन्हें उखाड़ फेंकेगे। कितनी बार मुझे ये बात कहनी होगी।

पढ़ें :- प्रशांत किशोर का नीतीश सरकार पर निशाना, कहा-आज ​भी बिहार में है जंगलराज

यही स्थिति साल 2024 में भी होने जा रही है। इसलिए वो हर जगह जाकर ‘जंगल-राज’ की बात कर रहे हैं।  जब वह गुजरात में थे तब उन्होंने क्या किया? जंगल राज तो तब था जब वह वहां थे। दूसरी ओर, गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah)  ने भी बिहार में भाजपा विधायकों-सांसदों के साथ बैठक की। इस दौरान ‘बिहार का सीएम कौन’ के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी की नजर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर है। यहां से हमें कम से कम 32 सीटें जीतने की उम्मीद है। इस मिशन को पूरा करने में हम सभी जुट गए हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक ट्वीट करके अमित शाह (Amit Shah)   को निशाना बनाया है। आरजेडी (RJD) ने कहा है कि, ”पूर्णिया में बिना हवाई अड्डा बने ही अमित शाह ने जहाज उड़ा दिए। इतिहास से छेड़छाड़ करने वाले गुजरात के अमित शाह (Amit Shah)  नहीं जानते कि 89 वर्ष पूर्व अंग्रेजों ने 1933 में एवरेस्ट के लिए पहली उड़ान पूर्णिया से ही भरी थी। गृहमंत्री इतना सफेद झूठ बोलने की हिम्मत कहां से जुटाते हैं?”

बता दें कि बिहार के पूर्णिया में कल अमित शाह (Amit Shah)  की जनसभा हुई थी।  उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने जॉर्ज के कंधे पर बैठकर समता पार्टी बनाई और जॉर्ज की तबीयत खराब हुई तो उन्हें हटा दिया। शरद यादव (Sharad Yadav) को धोखा दिया। फिर भाजपा (BJP) को पहली बार धोखा दिया, फिर जीतनराम, फिर रामविलास पासवान और फिर पीएम बनने की लालसा में बीजेपी (BJP) को धोखा देकर लालू के साथ चले गए।

उन्होंने कहा था कि मेरे आने से लालू नीतीश की जोड़ी के पेट में दर्द हो रहा है।  कह रहे हैं कि झगड़ा लगाने आए हैं। मैं झगड़ा लगाने नहीं आया। नीतीश तो लालू के साथ मिल गए। हम तो विकास और सेवा की राजनीति के पक्षधर हैं। पीएम बनने के लिए नीतीश बाबू (जो कांग्रेस विरोधी राजनीति से पैदा हुए) आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिल गए हैं। सत्ता के स्वार्थ में दलबदल करके नीतीश पीएम बन सकते हैं क्या, बिहार में सरकार चल सकती है क्या? लालू भी ये समझ लें कि नीतीश आपको भी धोखा देंगे और कांग्रेस के साथ मिल जाएंगे।

महागठबंधन में आरजेडी (RJD) की सहयोगी नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड (Janata Dal United) ने भी अमित शाह (Amit Shah) पर कड़ा प्रहार किया है। जेडीयू (JUD)के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ललन सिंह (Rajiv Ranjan Lalan Singh) ने ट्विटर पर अमित शाह (Amit Shah) के वीडियो क्लिप के साथ उन पर सिलसिलेवार प्रहार किए हैं।

अमित शाह (Amit Shah)  ने कहा था कि, नए-नए नेता बनाए हैं ललन सिंह जी को। ये चारा घोटाले की बूम लगाते थे। इसके जवाब में ललन सिंह ने कहा है कि देश के माननीय जुमलेबाज गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) , आप जब सिर्फ 10 वर्ष के थे, तब से मैं राजनीति में सक्रिय हूं। मेरा राजनीतिक जीवन 1974 के छात्र आंदोलन के संघर्ष के साथ प्रारंभ हुआ है। पता नहीं आप का राजनीतिक जीवन किस संघर्ष से शुरू हुआ है?”

अमित शाह ने बिहार के प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा-अर्चना की

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं। बिहार में सरकार से बाहर होने के बाद बीजेपी (BJP)  के किसी वरिष्ठ नेता का ये पहला बिहार दौरा है।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah)  ने अपने दौरे के दूसरे दिन शनिवार को बिहार के प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा-अर्चना की, जिसे लंबे समय से हिंदू-मुस्लिम एकता (Hindu-Muslim Unity) का प्रतीक माना जाता रहा है।

लगभग 50 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम बहुल आबादी वाले किशनगंज जिले में शुक्रवार की रात बिताने के बाद सुबह के समय अमित शाह (Amit Shah) ‘बूढ़ी काली मंदिर’ पहुंचे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई ने एक वीडियो साझा किया जिसमें शाह मंदिर में आरती करते और पुजारियों का आशीर्वाद लेते दिखाई दे रहे हैं। प्राचीन काली मंदिर के बारे में मान्यता है कि इसका निर्माण एक मुस्लिम नवाब द्वारा दान की गई भूमि पर किया गया है।

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गृह मंत्री की बिहार यात्रा शुक्रवार दोपहर पूर्णिया जिले में भाजपा की रैली के साथ शुरू हुई थी, जिसके बाद शाम को वे किशनगंज पहुंचे और विधायकों, सांसदों तथा अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक की। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शाह का सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों के साथ एक बैठक के बाद अपना दौरा समाप्त करने का कार्यक्रम है।

 

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