लालू को बयानबाजी करने के बजाय कानून का सामना करना चाहिए: सुशील मोदी

पटना। आरजेडी प्रमुख लालू यादव की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है, सीबीआई के छापेमारी के बाद अब विपक्ष भी लालू पर हावी होता दिख रहा है। सीबीआई के छापेमारी के बाद लालू ने मीडिया में बयान देते हुए कहा था कि केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है जिसे खारिज करते हुए बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज बयान जारी किया है। सुशील का कहना है कि लालू प्रसाद को राजनीतिक बयानबाजी करने की बजाय भ्रष्टाचार के मामले में कानून का सामना करना चाहिए। सुशील मोदी ने कहा कि राजग सरकार के मंत्रियों- नेताओं से पैरवी नाकाम होने के बाद लालू प्रसाद को एहसास हो गया है कि बेनामी संपत्ति के मामले में उनका जेल जाना तय है। इसकी खींझ उतारने के लिये रैली के बहाने पटना को भीड़ के हवाले करने की साजिश रची जा रही है।

भाजपा नेता ने सवाल किया कि नीतीश कुमार बताये कि किसके दबाव में कानून को अपना काम नहीं करने दिया गया ? सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीबीआई की छापेमारी से साबित हो गया है कि लालू परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त है और अब नीतीश कुमार को इस मामले में फैसला लेना चाहिए। उन्होंने लालू के पुत्र एवं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तथा स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव को राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। सुशील मोदी ने कहा कि हम मांग करते है कि सीबीआई द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री तत्काल तेजस्वी यादव को बर्खास्त करें। उन्होंने कहा कि उन्हें नीतीश कुमार पर भरोसा है कि वे सही निर्णय लेंगे।

भाजपा नेता ने कहा कि लालू प्रसाद ने जो किया है, वही वह भोग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई के छापे का राजद की रैली से कोई लेना देना नहीं है। लालू यादव आरोप लगाना छोड़, तथ्यों का जवाब दें। आज की स्थिति यह है कि लालू प्रसाद बिहार के सबसे बड़े जमींदार की हैसियत बना चुके हैं। उन्हें बताया चाहिए कि यह सब किस प्रकार से हासिल किया। उन्होंने कहा कि चारा घोटाले के समय भी लालू प्रसाद ऐसी ही बयानबाजी कर रहे थे और उन्हें अपनी सरकार के दौरान इस मामले में जेल जाना पड़ा था। उन्होंने सवाल किया ‘क्या भ्रष्टाचार जैसे मामलों में सरकार राजद की रैली होने तक कोई कार्रवाई नहीं करे ? रैली का भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई से कोई लेना-देना नहीं होता है।’