चुनावी घोषणाओं में लैपटॉप आॅफर की फैशन बरकरार, अब हिमाचल में कांग्रेस बांटेगी

चुनावी घोषणाओं में लैपटॉप आॅफर की फैशन बरकरार, अब हिमाचल में कांग्रेस बांटेगी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद राजनीतिक पार्टियां चुनावी घोषणा पत्रों को फेस्टिवल सीजन सेल बनाने से नहीं चूक रहीं हैं। चुनाव जीतने के लिए पार्टियां अपने घोषणा पत्र में ऐसे ऐसे आॅफर दे रहीं है, जिनसे आम जनता का ध्यान आधार भूत मुद्दों से हटकर लुभावने वादों की ओर चला जाए। अगर राजनीतिक दलों के चुनावी आॅफर्स की बात की जाए तो लैपटॉप सात सालों के बाद भी सबसे ऊपर बना हुआ है। लैपटॉप ने रोटी, कपड़ा, मकान, सड़क, बिजली और पानी जैसे वादों से ऊपर अपनी जगह बना ली है।

यह लैपटॉप का लॉलीपॉप तमिलनाडु में जया​ललिता ने लांच किया था, जो बाया उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश होते हुए अब हिमाचल प्रदेश पहुंच गया है। जहां बुधवार को जारी हुए कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा है कि वह गरीब वर्ग के 50 हजार मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिया जाएगा। इतना ही नहीं कांग्रेस ने अपने लैपटॉप के साथ 1 जीबी इंटरनेट डेटा भी देने का वादा किया है।

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वर्तमान में हिमाचल की सत्ता पर काबिज कांग्रेस की ओर से किए वादे बेहद लुभावने नजर आ रहे हैं। चलिए हम आपको बताते हैं कि कांग्रेस ने हिमांचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पेश किए घोषणा पत्र में मुख्य वादे कौन—कौन से किए है—
— मनरेगा के तहत न्यूनतम मजदूरी 350 रुपए प्रतिदिन की जाएगी।
— 2003 के बाद भर्ती राज्य सरकार कार्मचारियों को पेंशन की सुविधा बहाल की जाएगी।
— 2 साल से अधिक अनुंबधित कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।
— वृद्धजन पेंशन को बढ़ाकर 1300 रुपए प्रतिमाह की जाएगी।
— एक लाख युवाओं को नौकरी दी जाएगी।
— राज्य सरकार के अधिकारों का पंचायत स्तर पर विकेन्द्रीकरण होगा।
— जिला स्तर पर खेल अकादमी और छोटे स्टेडियम बनाए जाएंगे।
— पंचायत स्तर पर जिम और खेल के मैदान बनाए जाएंगे।
— प्रदेश में नई सड़कों और पुलों का जाल बिछाया जाएगा।
— 50 हजार गरीब वर्ग के मेधावी छात्रों को फ्री लैपटॉप और एक जीबी डेटा दिया जाएगा।

कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र पूर्व केन्द्रीय गृहमंत्री
सुशील कुमार शिंदे और पार्टी के मुख्यमंत्री पद के दावेदार वीरभद्र सिंह की मौजूदगी में जारी किया है। इस मौके पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा को हिमाचल प्रदेश में अपनी हार का अंदाजा हो गया है, इसीलिए प्रेम कुमार धूमल को पार्टी ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

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वीरभद्र सिंह के बयान को प्रेम कुमार धूमल को भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित किए जाने की प्र​तिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने पिछले दिनों अन्य राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री चेहरे के बिना ही लड़े हैं। हर चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर लड़ा गया। हिमाचल में भी भाजपा की यही योजना थी लेकिन जमीन पर भाजपा की हार को देखते हुए पार्टी को मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा सामने लाना पड़ा है, क्योंकि भाजपा जान चुकी है कि उसकी हार पक्की है और वह इस हार को नरेन्द्र मोदी की छवि से जोड़ने से बचना चाहती है।

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