मेरठ में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा- हर हिंदू मेरा अपना भाई

मेरठ में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा- हर हिंदू मेरा अपना भाई
मेरठ में बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कहा- हर हिंदू मेरा अपना भाई

मेरठ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) के ‘राष्ट्रोदय’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मेरठ में कार्यसेवकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को करीब तीन लाख कार्यकसेवकों को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हर हिंदू मेरा अपना भाई है। हिंदुस्तान में किसी का खान-पान, पूजा शैली, पूजा पद्धति, देवी-देवता, भाषा अथवा जीवन शैली दर्शन अलग हो सकती है लेकिन वह सब हिंदू हैं।

Large Crowd Of Volunteers In The Meeting Of Rss In Meerut :

भागवत ने कहा, भारत देश विविधता का देश है, हम विविधता के साथ एकता को लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे राजाओं ने प्रजा की भलाई को ही लक्ष्य माना है। हमारे राजाओं ने प्रजा के लिए सब कुछ त्यागा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी प्रार्थना और साधना अलग हो सकती है, लेकिन देश भक्ति की भावना एक है।

समागम से पहले शुक्रवार को मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। ये भी माना जा रहा है कि राष्ट्रोदय समागम के पीछे 2019 के लोकसभा चुनाव हैं। इतना ही नहीं संघ प्रमुख ने इस मुलाकात में योगी से उनके 11 महीने के कामकाज की रिपोर्ट मांगी है और 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों पर चर्चा की है।

इस दौरान सुरेश राणा ने कहा, ‘मैं मंत्री नहीं आम स्वयंसेवक के तौर पर पहुंचा हूं। हर जिले को जगह आवंटित की गई है। उनके मार्गदर्शन के लिए जगह-जगह स्वयंसेवक लगे हैं। वह रूट और तय जिले के स्थान तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। हाथ में केसरियां ध्वज भी काफी स्वयंसेवक लिए हैं। मंच से ही सभी स्वयंसेवकों को योग कराने का सिलसिला शुरू हो गया।’

मेरठ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) के 'राष्ट्रोदय' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए मेरठ में कार्यसेवकों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को करीब तीन लाख कार्यकसेवकों को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हर हिंदू मेरा अपना भाई है। हिंदुस्तान में किसी का खान-पान, पूजा शैली, पूजा पद्धति, देवी-देवता, भाषा अथवा जीवन शैली दर्शन अलग हो सकती है लेकिन वह सब हिंदू हैं।भागवत ने कहा, भारत देश विविधता का देश है, हम विविधता के साथ एकता को लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे राजाओं ने प्रजा की भलाई को ही लक्ष्य माना है। हमारे राजाओं ने प्रजा के लिए सब कुछ त्यागा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी प्रार्थना और साधना अलग हो सकती है, लेकिन देश भक्ति की भावना एक है।समागम से पहले शुक्रवार को मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। ये भी माना जा रहा है कि राष्ट्रोदय समागम के पीछे 2019 के लोकसभा चुनाव हैं। इतना ही नहीं संघ प्रमुख ने इस मुलाकात में योगी से उनके 11 महीने के कामकाज की रिपोर्ट मांगी है और 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए तैयारियों पर चर्चा की है।इस दौरान सुरेश राणा ने कहा, 'मैं मंत्री नहीं आम स्वयंसेवक के तौर पर पहुंचा हूं। हर जिले को जगह आवंटित की गई है। उनके मार्गदर्शन के लिए जगह-जगह स्वयंसेवक लगे हैं। वह रूट और तय जिले के स्थान तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। हाथ में केसरियां ध्वज भी काफी स्वयंसेवक लिए हैं। मंच से ही सभी स्वयंसेवकों को योग कराने का सिलसिला शुरू हो गया।'