UP नगर निकाय चुनाव 2017 : 26 जिलों के 233 स्‍थानीय निकायों में वोटिंग शुरू

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यूपी निकाय चुनाव 2017 परिणाम: भाजपा सबसे आगे, अब तक 14 नगर निगमों पर बढ़त

यूपी में शहरी निकाय चुनाव का बुधवार को आखिरी दौर है. 26 जिलों में 233 स्थानीय निकायों के लिए वोट डाले जाएंगे, जिसमें 94 लाख वोटर शामिल होंगे.

Last Phase Voting On Up Civic Polls 2017 :

तीसरे चरण में सहारनपुर, बागपत, बुलन्दशहर, मुरादाबाद, सम्भल, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, मऊ, चन्दौली, जौनपुर, एवं मीरजापुर शामिल हैं.

नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में करीब 49 प्रतिशत मतदान हुआ था. दूसरे चरण में प्रदेश के 25 जिलों में छह नगर निगमों, 51 नगर पालिका परिषदों तथा 132 नगर पंचायतों के लिये मतदान हुआ था.

नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान 22 नवंबर को हुआ था, जबकि दूसरे चरण का मतदान 26 नवंबर को संपन्न हुआ था. अब 29 नवंबर (आज) तीसरे चरण अंतिम चरण के लिए मतदान हो रहा है. मतगणना एक दिसंबर को होगी.

निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने जबरदस्त प्रचार किया, जबकि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बड़े नेता इन चुनावों में प्रचार से दूर रहे.

यूपी में शहरी निकाय चुनाव का बुधवार को आखिरी दौर है. 26 जिलों में 233 स्थानीय निकायों के लिए वोट डाले जाएंगे, जिसमें 94 लाख वोटर शामिल होंगे.तीसरे चरण में सहारनपुर, बागपत, बुलन्दशहर, मुरादाबाद, सम्भल, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, मऊ, चन्दौली, जौनपुर, एवं मीरजापुर शामिल हैं.नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण में करीब 49 प्रतिशत मतदान हुआ था. दूसरे चरण में प्रदेश के 25 जिलों में छह नगर निगमों, 51 नगर पालिका परिषदों तथा 132 नगर पंचायतों के लिये मतदान हुआ था.नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान 22 नवंबर को हुआ था, जबकि दूसरे चरण का मतदान 26 नवंबर को संपन्न हुआ था. अब 29 नवंबर (आज) तीसरे चरण अंतिम चरण के लिए मतदान हो रहा है. मतगणना एक दिसंबर को होगी.निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के सभी बड़े नेताओं ने जबरदस्त प्रचार किया, जबकि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बड़े नेता इन चुनावों में प्रचार से दूर रहे.