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कानून मंत्री बोले, दुष्कर्म मामलों के शीघ्र निपटारे पर निगरानी के लिए तंत्र विकसित करने की जरूरत

Law Minister Said Need To Develop Mechanism To Monitor Early Disposal Of Rape Cases

By बलराम सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में कहा कि देश के मुख्य न्यायाधीश और अन्य वरिष्ठ जज इस बात को सुनिश्चित करें कि बलात्कार के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए निगरानी तंत्र बनाया जाए। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं संकट में हैं और न्याय के लिए रो रही हैं।

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उन्होंने कहा कि मैं सीजेआई और अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों से आग्रह करूंगा कि इस तरह के मामलों को शीघ्र निपटाने की निगरानी के लिए एक तंत्र बनाया जाए। ताकि भारत की छवि एक ऐसे गर्वित देश के तौर पर पुनर्स्थापित की जा सकें जहां कानून का शासन है। इसके अलावा उन्होंने इस बात का आश्वासन दिया कि सरकार इसके लिए फंड देगी।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस देश की महिलाएं अत्यधिक पीड़ा और संकट में हैं। वह न्याय के लिए रो रही हैं। जघन्य और अन्य अपराधों के लिए 704 फास्ट-ट्रैक अदालत मौजूद हैं। सरकार पॉक्सो और बलात्कार के अपराधों के लिए 1,123 समर्पित अदालतें स्थापित करने की प्रक्रिया में है।

उन्होंने कहा कि महिला हिंसा से संबंधित कानून में हमने पहले से ही दो महीने में मुकदमे को पूरा करने सहित मृत्युदंड और अन्य गंभीर सजा का प्रावधान किया है। भारत की न्यायपालिका, चाहे सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय या अधीनस्थ अदालतें हों, कानून के शासन के सिद्धांतों को बरकरार रखा है।

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