LDA अग्निकांड: सपा सरकार के घोटालों की फाइलों राख, आ रही साजिश की गंध

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LDA अग्निकांड: सपा सरकार के घोटालों की फाइलों राख, आ रही साजिश की गंध

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के गोमती नगर स्थित कार्यालय की चौथी मंजिल पर स्थित रिकार्ड रूम में शुक्रवार की रात लगी आग भले ही बुझ गई हो लेकिन यह अग्निकांड अपने पीछे साजिश की गंध छोड़ गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस अग्निकांड में समाजवादी सरकार से कार्यकाल में हुई दो हजार करोड़ रूपए की ऐसी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे, जिनमें भ्रष्टाचार की जांच जारी है।

रिकार्ड रूम में आग लगना और शार्ट सर्किट को कारण बताया जाना अपने आप में कई ऐसे सवाल खड़े कर रहा है जो इससे पूर्व में स्वास्थ्य भवन में एनआरएचएम घोटाले से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट करने के लिए हुए अग्निकांड में उठे थे। एलडीए प्रशासन का दावा है कि जो फाइलें रिकार्ड रूम में जलीं हैं उनकी एक कॉपी अभी मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की घटना की जांच हर पहलू पर करवाई जा रही है, यदि इस घटना को इरादतन अंजाम दिया गया है तो विभाग की ओर से दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक एलडीए प्रशासनिक भवन के रिकार्ड रूम में हुए अग्निकांड में हुसैनाबाद हेरिटेज जोन सौंदर्यीकरण, जयप्रकाश नारायण सेंटर, जनेश्वर मिश्रा पार्क और प्लॉट समायोजन घोटले से जुड़ी फाइलें जल कर राख हुई हैं। समाजवादी सरकार के हटने के बाद से जेपीएनआईसी के निर्माण पर 864 करोड़ के राजस्व को पानी की तरह बहाए जाने। 400 करोड़ की लागत से बने जनेश्वर मिश्रा पार्क और 400 करोड़ के खर्च से हुए हुसैनाबाद हेरिटेज जोन के सौं​दर्यीकरण में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जांच जारी है। जबकि एलडीए के एक बाबू द्वारा 500 प्लाटों के समायोजन में की गई गड़बड़ी के मामले में 500 करोड़ के भ्रष्टाचार की जांच जारी है।

तीन दिन में कमिटी पेश करेगी अग्निकांड की जांच—

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मिली जानकारी के मुताबिक एलडीए वीसी पीएन सिंह ने इस घटना के बाद अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक और तहसीलदार राजेश शुक्ला के नेतृत्व में एक कमिटी का गठन किया है। जो तीन दिनों के भीतर इस घटना पर अपनी रिपोर्ट वीसी को सौंपेगे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही एलडीए निर्णय लेगा कि एफआईआर दर्ज करवाई जाए या नहीं।

पूर्व के अग्निकांडों के जांचे ठंड बस्ते में —

घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों से जुड़े दस्तावेजों और फाइलों को नष्ट करने के लिए राजधानी लखनऊ के किसी सरकारी दफ्तर में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी फाइलें जलाने के लिए स्वास्थ्य भवन में आग लगी थी। यूपी सरकार के सचिवायल बापू भवन के द्वितीय तल पर हुए अग्निकांड में भी फाइलें जलीं। इसी वर्ष मई के महीने में बाल पु​ष्टाहार विभाग और मंडी परिषद् भवन में आग लगी। जून के महीने में वाणिज्य कर विभाग के दफ्तर में आग लगी थी। इन सभी अग्निकांड़ों के पीछे वहज शार्ट सर्किट ही बताया गया, लेकिन सभी विभागों में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार और घोटालों की फाइलों का जलना बताता है कि ये अग्निकांड कई चेहरों पर लगे नकाब को बचाने के लिए अंजाम दिए गए थे। शायद यही वजह है अब तक के अधिकांश अग्निकांडों की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।

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लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के गोमती नगर स्थित कार्यालय की चौथी मंजिल पर स्थित रिकार्ड रूम में शुक्रवार की रात लगी आग भले ही बुझ गई हो लेकिन यह अग्निकांड अपने पीछे साजिश की गंध छोड़ गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस अग्निकांड में समाजवादी सरकार से कार्यकाल में हुई दो हजार करोड़ रूपए की ऐसी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे, जिनमें भ्रष्टाचार की जांच जारी है। रिकार्ड रूम में आग लगना और शार्ट सर्किट…
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