आईआईएम में बोले मुख्यमंत्री योगी, लक्ष्य हासिल करने के लिए टीमवर्क बेहद जरूरी

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आईआईएम में बोले मुख्यमंत्री योगी, लक्ष्य हासिल करने के लिए टीमवर्क बेहद जरूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और उनकी सरकार के मंत्री रविवार को सुबह 9 बजे आईआईएम (IIM) लखनऊ (IIM Lucknow) में क्लास करने पहुंचे है। जिसको संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंथन के पहले चरण में मंत्रियों के साथ बैठक में सुशासन का रोडमैप तैयार करने के लिए बैठक हुई थी और आज की कार्यशाला टीमवर्क के लिए हो रही है।  

Leadership Development Programme By Yogi Government In Iim Lucknow :

1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य-सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लक्ष्यों को कैसे प्राप्त कर सकते है, इस लिए टीम वर्क जरूरी है। आज इसलिए यह बैठक हो रही है। मुझे विश्वास है जब आईआईएम जैसी संस्थान के साथ मिल कर एक बड़ी दिशा में काम के सकते है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण सकारात्मक रहा। अब 22 सितंबर को दुबारा बैठेंगे। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में भी ये आईआईएम की कार्यशाला उपयोगी साबित होगी।  

पढ़ाई के बाद मंत्रियों को दिया जाएगा होमवर्क

आईआईएम के सूत्रों के अनुसार, ट्रेनिंग प्रोग्राम को इस तरह से तैयार किया गया है कि मंत्रियों को विषय को व्यवहारिक ढंग से समझाया जा सके। ट्रेनिंग प्रोग्राम में टॉस्क, सवाल-जवाब और समूह चर्चा के भी सत्र रखे गए हैं। इसके लिए मंत्रियों को अलग-अलग समूह में बांटा गया है जिससे टीम-वर्क के रूप में काम करने की उनकी दक्षता आंकी जा सके। सुबह 9.40 से 10.45 का पहला आईआईएम की निदेशक प्रोफेसर अर्चना शुक्ल का होगा, जिसमें प्रोफेसर पुष्पेंद्र प्रियदर्शी और प्रोफेसर निशांत उप्पल भी उनका साथ देंगे।  

लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और उनकी सरकार के मंत्री रविवार को सुबह 9 बजे आईआईएम (IIM) लखनऊ (IIM Lucknow) में क्लास करने पहुंचे है। जिसको संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंथन के पहले चरण में मंत्रियों के साथ बैठक में सुशासन का रोडमैप तैयार करने के लिए बैठक हुई थी और आज की कार्यशाला टीमवर्क के लिए हो रही है।   1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य-सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लक्ष्यों को कैसे प्राप्त कर सकते है, इस लिए टीम वर्क जरूरी है। आज इसलिए यह बैठक हो रही है। मुझे विश्वास है जब आईआईएम जैसी संस्थान के साथ मिल कर एक बड़ी दिशा में काम के सकते है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण सकारात्मक रहा। अब 22 सितंबर को दुबारा बैठेंगे। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में भी ये आईआईएम की कार्यशाला उपयोगी साबित होगी।   पढ़ाई के बाद मंत्रियों को दिया जाएगा होमवर्क आईआईएम के सूत्रों के अनुसार, ट्रेनिंग प्रोग्राम को इस तरह से तैयार किया गया है कि मंत्रियों को विषय को व्यवहारिक ढंग से समझाया जा सके। ट्रेनिंग प्रोग्राम में टॉस्क, सवाल-जवाब और समूह चर्चा के भी सत्र रखे गए हैं। इसके लिए मंत्रियों को अलग-अलग समूह में बांटा गया है जिससे टीम-वर्क के रूप में काम करने की उनकी दक्षता आंकी जा सके। सुबह 9.40 से 10.45 का पहला आईआईएम की निदेशक प्रोफेसर अर्चना शुक्ल का होगा, जिसमें प्रोफेसर पुष्पेंद्र प्रियदर्शी और प्रोफेसर निशांत उप्पल भी उनका साथ देंगे।