भारत में इन अपराधों के लिए फांसी के अलावा गोली मारकर भी दी जाती है सजा-ए-मौत

भारत में इन अपराधों के लिए फांसी के अलावा गोली मारकर भी दी जाती है सजा-ए-मौत
भारत में इन अपराधों के लिए फांसी के अलावा गोली मारकर भी दी जाती है सजा-ए-मौत

नई दिल्ली। निर्भया के गुनहगारों को फांसी दिलाने की मांग लगातार 7 साल से की जा रही है, लेकिन अब वो घड़ी बेहद करीब आ गई है। पटियाला कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान एक जज ने कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट से जानकारी मिली है कि आरोपी अक्षय की पुनर्विचार याचिका को स्वीकार कर लिया गया है और इस पर अब 17 दिसंबर को सुनवाई होगी। बता दें कि पिछले कुछ सालों में धनंजय चटर्जी, अजमल कसाब, अफजल गुरू, ऑटो शंकर और याकूब मेमन को फांसी दी गई है- लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि देश में मृत्युदंड देने के और कौन-कौन से वैध तरीके हैं। चलिए जानते हैं भारत में मान्य मौत की सजा के अन्य तरीको के बारे में …..

Legal Death Penalty In India :

फांसी से जुड़ा पूरा कानून

  • द कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (1898) में फांसी से लटका कर मृत्युदंड देने का प्रावधान है।
  • यही प्रावधान कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (1973) में भी अपनाया गया।
  • वैसे तो फांसी का तरीका सदियों पुराना है, लेकिन आधुनिक इतिहास में फांसी के जरिए मौत की सजा देने का नया तरीका ब्रिटेन के विलियम मारवुड ने खोजा था।
  • विलियम मारवुड ने ही लीवर के जरिए फांसी पर लटकाने का तरीका निकाला।

देश में सजा-ए-मौत का दूसरा तरीका

  • भारत में मौत की सजा देने का दूसरा तरीका है गोली मारने का, लेकिन यह तरीका आम नागरिकों के लिए उपयोग में नहीं लाया जाता।
  • इसका उपयोग सिर्फ और सिर्फ भारतीय सेनाओं में होने वाले कोर्ट मार्शल के बाद होता है।

सेनाओं में मौत की सजा का कानून

  • द आर्मी एक्ट, द नेवी एक्ट और द एयरफोर्स एक्ट में मौत की सजा देने के लिए गोली मारने का भी प्रावधान है।
  • एयरफोर्स एक्ट 1950 के सेक्शन 34 में प्रावधान है कि कोर्ट मार्शल के जरिए अगर किसी को मौत की सजा दी जाती है तो उसे फांसी पर लटका सकते हैं या गोली मार सकते हैं।
नई दिल्ली। निर्भया के गुनहगारों को फांसी दिलाने की मांग लगातार 7 साल से की जा रही है, लेकिन अब वो घड़ी बेहद करीब आ गई है। पटियाला कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान एक जज ने कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट से जानकारी मिली है कि आरोपी अक्षय की पुनर्विचार याचिका को स्वीकार कर लिया गया है और इस पर अब 17 दिसंबर को सुनवाई होगी। बता दें कि पिछले कुछ सालों में धनंजय चटर्जी, अजमल कसाब, अफजल गुरू, ऑटो शंकर और याकूब मेमन को फांसी दी गई है- लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि देश में मृत्युदंड देने के और कौन-कौन से वैध तरीके हैं। चलिए जानते हैं भारत में मान्य मौत की सजा के अन्य तरीको के बारे में ..... फांसी से जुड़ा पूरा कानून
  • द कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (1898) में फांसी से लटका कर मृत्युदंड देने का प्रावधान है।
  • यही प्रावधान कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (1973) में भी अपनाया गया।
  • वैसे तो फांसी का तरीका सदियों पुराना है, लेकिन आधुनिक इतिहास में फांसी के जरिए मौत की सजा देने का नया तरीका ब्रिटेन के विलियम मारवुड ने खोजा था।
  • विलियम मारवुड ने ही लीवर के जरिए फांसी पर लटकाने का तरीका निकाला।
देश में सजा-ए-मौत का दूसरा तरीका
  • भारत में मौत की सजा देने का दूसरा तरीका है गोली मारने का, लेकिन यह तरीका आम नागरिकों के लिए उपयोग में नहीं लाया जाता।
  • इसका उपयोग सिर्फ और सिर्फ भारतीय सेनाओं में होने वाले कोर्ट मार्शल के बाद होता है।
सेनाओं में मौत की सजा का कानून
  • द आर्मी एक्ट, द नेवी एक्ट और द एयरफोर्स एक्ट में मौत की सजा देने के लिए गोली मारने का भी प्रावधान है।
  • एयरफोर्स एक्ट 1950 के सेक्शन 34 में प्रावधान है कि कोर्ट मार्शल के जरिए अगर किसी को मौत की सजा दी जाती है तो उसे फांसी पर लटका सकते हैं या गोली मार सकते हैं।