मुस्लिमों की ढाढ़ी पर कमेंट करने वाली महिला को मिली ऐसी सजा..

जेद्दा| कई बार ओवर कॉन्फिडेन्स के चलते लोग ऐसी गलती कर बैठते हैं जिसकी वजह से उन्हें ताउम्र पछताना पड़ जाता है। कुछ ऐसी ही गलती सऊदी अरब के जेद्दा में रहने वाली एक महिला एक्टिविस्ट से भी हो गयी। सौउद अल शेमरी नाम की इस महिला ने दाढ़ी वाले कई पुरुषों की फोटोज ट्विटर पोस्ट की थीं, जिसमे जिसमें एक यहूदी, हिप्पी, कम्युनिस्ट, ओटोमन खलीफा, सिख और एक मुस्लिम शामिल थे। सौउद ने अपने ट्वीट में लिखा कि सिर्फ दाढ़ी रखने से ही कोई आदमी पवित्र या मुसलमान नहीं बन जाता है और उसने यह भी बताया कि पैगंबर मुहम्‍मद के समय के दौरान इस्‍लाम के कट्टर आलोचकों में से एक की दाढ़ी उनसे भी बड़ी थी। ये ट्वीट करते वक्त उसने कल्पना भी नहीं की होगी कि उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी।



ट्वीट में लिखी बातें:

– सौउद ने दाढ़ी वाले युवकों की फोटोज पोस्ट करते हुए लिखा था, दाढ़ी रखने मतलब ये नहीं कि वह पुरुष पवित्र है और एक सच्च मुसलमान है।
– सौउद ने यह भी लिखा कि पैगंबर मुहम्मद के समय के दौरान इस्लाम के कट्टर आलोचकों में से एक की दाढ़ी उनसे भी बड़ी थी।
– सौउद के इस ट्वीट को लेकर सऊदी अरब में कुछ बड़े मौलवियों और रुढ़िवादी लोगों ने उन्हें पाखंडी और शैतान बताते हुए सख्त सजा की मांग की थी।
– सौउद के साथ फ्री सऊदी लिबरल्स नेटवर्क नाम का ऑनलाइन मंच बनाने वाले ब्लॉगर रैफ बदावी भी 10 साल की सजा काट रहे हैं

इस्लामी क़ानून में स्नातक कर चुकी सौउद एक खुले विचारों वाली महिला है। ये महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए आवाज उठाती रही हैं, जिसके चलते वे हमेशा रुढ़िवादी लोगों के निशाने पर रहती हैं। 42 साल की सोशल एक्टिविस्ट सौउद के अब तक दो बार तलाक हो चुके हैं। दो पतियों से उनके 6 बच्चे हैं।

रिपोर्ट: आस्था सिंह




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