100 साल पुराने पेड़ को बनाया लाइब्रेरी, तस्वीरें वायरल

100-year-old
पुराने पेड़ को बनाया लाइब्रेरी, सोशल मीडिया फोटो हुई Viral

नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका के इडाहो में रहने वाली एक महिला शार्ली आर्मिटेज होवार्ड (42) ने घर के बाहर लगे 110 साल पुराने कॉटनवुड के पेड़ को लाइब्रेरी में बदल दिया। इस काम में उन्हें कुछ महीने लगे। होवार्ड अपनी इस अनोखी लाइब्रेरी से लोगों को किताबें मुफ्त में देती हैं। शार्ली ने इस लाइब्रेरी की फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। फोटो को एक लाख बार शेयर किया गया और इस पर 13 हजार कमेंट आए।

Library Made Of 100 Years Old Tree Photo Has Gone Viral On Social Media :

दरअसल, ये पेड़ शार्ली के घर के बाहर ही लगा है। वह इतना मृतप्राय हो चुका था कि उसकी टहनियां बीते 10 साल से घर के बगीचे में गिर रही थीं। एक बार पेड़ से उनके बेटे की कार का एक्सीडेंट हो गया जिसमें हजारों का खर्च आया। उसी वक्त उनके मन में पेड़ से कुछ अलग करने का विचार आया। शार्ली एक स्थानीय लाइब्रेरी में काम करती हैं। उन्हें किताबों का शौक है। घर के बाहर लगे पेड़ से उनका लगाव है।

साथ ही उन्होंने पेड़ को नई जिंदगी देने के बारे में सोचा। पेड़ के लिए शार्ली के मन में कोई विचार नहीं था। इतना ही नहीं इस पेड़ में बदलाव के लिए उन्होंने पड़ोसियों से लेकर इंटरनेट पर लोगों से राय देने के लिए कहा। बातचीत के दौरान ही उन्हें पेड़ में लाइब्रेरी बनाने का विचार आया। उन्होंने खास तरीके से पेड़ को कटवाया ताकि उसमें किताबें रखी जा सकें। शेल्फ को बंद करने के लिए उसमें एक सुंदर दरवाजा भी लगाया। तने के ऊपर छत लगाई।

इसके अलावा लाइब्रेरी के अंदर लाइटिंग की व्यवस्था की। सुंदरता बढ़ाने के लिए पेड़ पर लालटेन भी टांगी। शार्ली ने अपनी लाइब्रेरी की फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस पोस्ट को एक लाख से ज्यादा बार शेयर किया गया और 13 हजार से ज्यादा लोगों के कमेंट्स आए। लोग अभी भी उनसे इस तरह की लाइब्रेरी बनाने का तरीका पूछ रहे हैं।

पोस्ट पर कमेन्ट करते हुए मैरीलैंड की एक महिला ने लिखा, “क्या सच में ऐसी लाइब्रेरी बन सकती है?” वहीं न्यूयॉर्क के एक महिला ने लिखा, “एक अन्य दुनिया में ले जाने के लिए यह नए पोर्टल की तरह है। दुनिया को सुंदर बनाने के लिए आपका शुक्रिया।” इस पर शार्ली कहती हैं- मैं आश्चर्यचकित हूं कि कई महीनों से लोग मुझे सुन रहे हैं और काम की तारीफ कर रहे हैं। कुछ नया करने के जुनून के चलते ही यह सब हो पाया। इसमें प्रकृति, किताबें, लाइब्रेरी और ऐसे लोग शामिल हैं जो लोगों की उनके काम को लेकर तारीफ करते हैं।

नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका के इडाहो में रहने वाली एक महिला शार्ली आर्मिटेज होवार्ड (42) ने घर के बाहर लगे 110 साल पुराने कॉटनवुड के पेड़ को लाइब्रेरी में बदल दिया। इस काम में उन्हें कुछ महीने लगे। होवार्ड अपनी इस अनोखी लाइब्रेरी से लोगों को किताबें मुफ्त में देती हैं। शार्ली ने इस लाइब्रेरी की फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। फोटो को एक लाख बार शेयर किया गया और इस पर 13 हजार कमेंट आए। दरअसल, ये पेड़ शार्ली के घर के बाहर ही लगा है। वह इतना मृतप्राय हो चुका था कि उसकी टहनियां बीते 10 साल से घर के बगीचे में गिर रही थीं। एक बार पेड़ से उनके बेटे की कार का एक्सीडेंट हो गया जिसमें हजारों का खर्च आया। उसी वक्त उनके मन में पेड़ से कुछ अलग करने का विचार आया। शार्ली एक स्थानीय लाइब्रेरी में काम करती हैं। उन्हें किताबों का शौक है। घर के बाहर लगे पेड़ से उनका लगाव है। साथ ही उन्होंने पेड़ को नई जिंदगी देने के बारे में सोचा। पेड़ के लिए शार्ली के मन में कोई विचार नहीं था। इतना ही नहीं इस पेड़ में बदलाव के लिए उन्होंने पड़ोसियों से लेकर इंटरनेट पर लोगों से राय देने के लिए कहा। बातचीत के दौरान ही उन्हें पेड़ में लाइब्रेरी बनाने का विचार आया। उन्होंने खास तरीके से पेड़ को कटवाया ताकि उसमें किताबें रखी जा सकें। शेल्फ को बंद करने के लिए उसमें एक सुंदर दरवाजा भी लगाया। तने के ऊपर छत लगाई। इसके अलावा लाइब्रेरी के अंदर लाइटिंग की व्यवस्था की। सुंदरता बढ़ाने के लिए पेड़ पर लालटेन भी टांगी। शार्ली ने अपनी लाइब्रेरी की फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस पोस्ट को एक लाख से ज्यादा बार शेयर किया गया और 13 हजार से ज्यादा लोगों के कमेंट्स आए। लोग अभी भी उनसे इस तरह की लाइब्रेरी बनाने का तरीका पूछ रहे हैं। पोस्ट पर कमेन्ट करते हुए मैरीलैंड की एक महिला ने लिखा, "क्या सच में ऐसी लाइब्रेरी बन सकती है?" वहीं न्यूयॉर्क के एक महिला ने लिखा, "एक अन्य दुनिया में ले जाने के लिए यह नए पोर्टल की तरह है। दुनिया को सुंदर बनाने के लिए आपका शुक्रिया।" इस पर शार्ली कहती हैं- मैं आश्चर्यचकित हूं कि कई महीनों से लोग मुझे सुन रहे हैं और काम की तारीफ कर रहे हैं। कुछ नया करने के जुनून के चलते ही यह सब हो पाया। इसमें प्रकृति, किताबें, लाइब्रेरी और ऐसे लोग शामिल हैं जो लोगों की उनके काम को लेकर तारीफ करते हैं।