अलवर: बलात्कारी फलाहारी बाबा को उम्रकैद, एक लाख का जुर्माना

alwar falahari baba
अलवर: बलात्कारी फलाहारी बाबा को उम्रकैद, एक लाख का जुर्माना

जयपुर। राजस्थान की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न के मामले में बुधवार को कौशलेंद्र प्रपनाचार्य उर्फ फलाहारी महाराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनपर एक लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया गया है। ये फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेंद्र शर्मा ने यह फैसला सुनाया। बता दें कि अलवर पुलिस ने पिछले साल सितंबर में बाबा के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज किया था। फैसला आने के बाद बचाव पक्ष के वकील अशोक शर्मा ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

Life Time Imprisonment And One Lac Fine In Rape Case To Falahari Baba :

बता दें कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी 21 वर्षीय एक युवती ने फलाहारी बाबा के खिलाफ अलवर स्थित आश्रम में यौन शोषण करने की शिकायत बिलासपुर में दर्ज कराई थी। बिलासपुर पुलिस ने जीरो एफआईआर अलवर के अरावली थाने को भेजी थी जिसके बाद धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर जांच की गई। जिसके बाद बीते साल 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।

पीड़िता का कहना था कि उसे पढ़ाई के दौरान इंटर्न लगने पर कुछ राशि मिली थी। जिसकी पहली चेक बाबा को देने वह उसके आश्रम गयी थी। उसने आरोप लगाया था कि बाबा ने उसी दिन अपने ​एक शिष्य की मदद से उसे अपने कमरे में बुलाया और वहां उसके साथ दुराचार किया।

जयपुर। राजस्थान की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न के मामले में बुधवार को कौशलेंद्र प्रपनाचार्य उर्फ फलाहारी महाराज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उनपर एक लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया गया है। ये फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेंद्र शर्मा ने यह फैसला सुनाया। बता दें कि अलवर पुलिस ने पिछले साल सितंबर में बाबा के खिलाफ दुराचार का मुकदमा दर्ज किया था। फैसला आने के बाद बचाव पक्ष के वकील अशोक शर्मा ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी 21 वर्षीय एक युवती ने फलाहारी बाबा के खिलाफ अलवर स्थित आश्रम में यौन शोषण करने की शिकायत बिलासपुर में दर्ज कराई थी। बिलासपुर पुलिस ने जीरो एफआईआर अलवर के अरावली थाने को भेजी थी जिसके बाद धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर जांच की गई। जिसके बाद बीते साल 20 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। पीड़िता का कहना था कि उसे पढ़ाई के दौरान इंटर्न लगने पर कुछ राशि मिली थी। जिसकी पहली चेक बाबा को देने वह उसके आश्रम गयी थी। उसने आरोप लगाया था कि बाबा ने उसी दिन अपने ​एक शिष्य की मदद से उसे अपने कमरे में बुलाया और वहां उसके साथ दुराचार किया।