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अवैध हथियार के साथ पकड़े जाने पर होगी उम्रकैद, सरकार करने जा रही है आर्म्स एक्ट में बड़ा बदलाव

By बलराम सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के गोरखधंधे पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आर्म्स एक्ट-1959 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस संशोधन के बाद प्रतिबंधित हथियार के साथ पकड़े जाने का दोष सिद्ध होने पर आरोपी को उम्र कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना प्रतिबंधित या अवैध हथियार के साथ पकड़े जाने पर आर्म्स एक्ट के तहत मिलने वाली सजा को भी दोगुना करने की है।

संशोधित आर्म्स एक्ट के ड्राफ्ट में अवैध हथियारों की सप्लाई, हथियारों के निर्माणकर्ता से उपयोगकर्ता तक की ट्रैकिंग, संगठित अपराध, संगठित अपराध सिंडिकेट और शादी-ब्याह में होने वाली हर्ष फायरिंग आदि को भी अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है।

बताया जा रहा है कि संशोधित विधेयक पर यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और मणिपुर के गृह सचिव और डीजीपी से राय ली जा चुकी है। माना जा रहा है कि सरकार इस विधेयक को आगामी शीत सत्र में संसद में पेश करेगी। हालांकि कुछ प्रावधानों पर और चर्चा की मांग को देखते हुए इसे अगले बजट सत्र तक भी टाला जा सकता है।

आर्म्स एक्ट की धारा 25 जिसमें अवैध हथियारों का निर्माण करने, बिक्री करने, मरम्मत करने या उन्हें रखने के लिए न्यूनतम 7 वर्ष व अधिकतम 14 वर्ष की सजा को बदलकर न्यूनतम सजा 14 वर्ष व अधिकतम सजा के तौर पर ताउम्र जेल में रहने का प्रावधान कर दिया गया है।

आर्म्स एक्ट की धारा 25 (6) को भी संशोधित प्रस्ताव में शामिल किया गया है, जिसमें किसी संगठन के सदस्य द्वारा प्रतिबंधित हथियार का इस्तेमाल करने पर न्यूनतम 10 साल व अधिकतम सजा के तौर पर ताउम्र जेल में रहने का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही संशोधन में प्रतिबंधित हथियार या उसके पुर्जे आयात करने, बेचने या खरीदने को अवैध व्यापार की श्रेणी में रखा गया है और इन हथियारों की मार्किंग में छेड़छाड़ करने वाले शस्त्र विक्रेता को 7 साल जेल की सजा देने का प्रावधान रखा गया है।

देश में 35 लाख वैध हथियार

देश में अब तक 35 लाख के करीब लाइसेंसी हथियार जारी किए गए हैं। इनमें अकेले 13 लाख लाइसेंसी हथियार अकेले उत्तर प्रदेश में ही हैं। इसके साथ 3 लाख 70 हजार लाइसेंसी हथियारों के साथ जम्मू-कश्मीर दूसरे नंबर पर है। वहीं 3 लाख 60 हजार लाइसेंसी हथियारों के साथ पंजाब तीसरे स्थान पर है। पंजाब में 1980 व 1990 के दशक में आतंकियों से बचने के नाम पर अधिकतर लाइसेंस जारी हुए हैं।

नहीं जारी होंगे दो से ज्यादा लाइसेंस

आर्म्स एक्ट संशोधन विधेयक के ड्राफ्ट में दिए गए प्रावधानों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति अब अधिकतम दो लाइसेंसी हथियार ही रख पाएगा। जिनके पास तीन लाइसेंसी हथियार हैं, उन्हें कानून पारित होने के 90 दिन के अंदर एक हथियार सरकार या शस्त्र विक्रेता के पास जमा कराना होगा। हालांकि इसमें पिछले दो साल के अंदर नेशनल या इंटरनेशनल निशानेबाजी टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुके खिलाड़ियों को .22 कैलिबर की राइफल तीसरे हथियार के तौर पर रखने की छूट होगी।

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