पेट बड़ा पापी होता है! 3 दिन से दाने-दाने को तरसीं छोटी बच्चियां, भूख मिटाने के लिए महिला ने कुत्ते से छीनी रोटी

220646

भागलपुर: कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश को 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन किया गया है। कोरोना से निपटने के लिए सरकार लोगों से घर में रहने की अपील कर रही है। इस लॉकडाउन का सीधा असर गरीबों पर पड़ रहा है। कई गरीब परिवार दाने-दाने के लिए मोहताज हो गए हैं।

Little Girls Who Have Been Suffering From Rash For 3 Days The Woman Snatched Bread From The Dog To Satisfy Hunger :

भुखमरी की ऐसी ही दो तस्वीरें बिहार के भागलपुर से सामने आई हैं,जिसे देखकर आपकी आँखे भी नम हो जाएँगी। इस पूरे मामले को जानकार ऐसा लगता है कि लॉकडाउन की वजह से पेट पालने को लेकर जो चुनौती पैदा हुई है, उससे मानव और जानवर के बीच का अंतर भी मिट गया है।

दरअसल, भागलपुर में सड़क के किनारे रोटी का एक टुकड़ा पड़ा हुआ था। उस रोटी के टुकड़े को खाने के लिए जैसे ही एक कुत्ता वहां पहुंचता है तभी वहां दो महिलाएं आ जाती हैं। दोनों महिलाएं कुत्ते को वहां से भगाकर उस रोटी के टुकड़े को उठा लेती हैं। ये पूरा वाकया वहीं पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। जिस किसी ने भी इस वीडियो को देखा वो कांप गया।

इस समय गरीबों पर भोजन का ऐसा संकट छाया है कि अब सड़क पर फेंके गए खाने को भी गरीब उठाने लगे हैं। वहीं भुखमरी की दूसरी कहानी भी भागलपुर से ही है, जहां तीन अनाथ बहनों को पेट की आग बुझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगानी पड़ी। जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के चलते भागलपुर में एक गरीब परिवार की रोजी-रोटी छिन गई। एक अनाथ परिवार की तीन बहनें दूसरों के घरों में काम कर अपना पेट पालती थीं। लॉकडाउन की वजह से उनका काम छूट गया और वो तीनों बहनें भुखमरी की कगार पर पहुंच गईं।

तीन दिनों से भूखी प्यासी रहने के बाद तीनों बहनों को समझ नहीं आ रहा था कि वो मदद की गुहार किससे लगाएं। जिसके बाद उन्हें अखबार में पीएमओ का नंबर दिखा। बड़ी बहन गीता ने उस नंबर पर फोन कर अधिकारियों को तीन दिन से भूखे होने की जानकारी दी। पीएमओ से स्थानीय प्रशासन को फोन आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया। भागलपुर के जगदीशपुर अंचल के सीओ ने आपदा विभाग को फौरन इसकी जानकारी दी, जिसके बाद अधिकारी राशन-खाना लेकर दौड़े-दौड़े तीनों बहनों के घर पहुंचे।

 

भागलपुर: कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश को 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन किया गया है। कोरोना से निपटने के लिए सरकार लोगों से घर में रहने की अपील कर रही है। इस लॉकडाउन का सीधा असर गरीबों पर पड़ रहा है। कई गरीब परिवार दाने-दाने के लिए मोहताज हो गए हैं। भुखमरी की ऐसी ही दो तस्वीरें बिहार के भागलपुर से सामने आई हैं,जिसे देखकर आपकी आँखे भी नम हो जाएँगी। इस पूरे मामले को जानकार ऐसा लगता है कि लॉकडाउन की वजह से पेट पालने को लेकर जो चुनौती पैदा हुई है, उससे मानव और जानवर के बीच का अंतर भी मिट गया है। दरअसल, भागलपुर में सड़क के किनारे रोटी का एक टुकड़ा पड़ा हुआ था। उस रोटी के टुकड़े को खाने के लिए जैसे ही एक कुत्ता वहां पहुंचता है तभी वहां दो महिलाएं आ जाती हैं। दोनों महिलाएं कुत्ते को वहां से भगाकर उस रोटी के टुकड़े को उठा लेती हैं। ये पूरा वाकया वहीं पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। जिस किसी ने भी इस वीडियो को देखा वो कांप गया। इस समय गरीबों पर भोजन का ऐसा संकट छाया है कि अब सड़क पर फेंके गए खाने को भी गरीब उठाने लगे हैं। वहीं भुखमरी की दूसरी कहानी भी भागलपुर से ही है, जहां तीन अनाथ बहनों को पेट की आग बुझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगानी पड़ी। जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के चलते भागलपुर में एक गरीब परिवार की रोजी-रोटी छिन गई। एक अनाथ परिवार की तीन बहनें दूसरों के घरों में काम कर अपना पेट पालती थीं। लॉकडाउन की वजह से उनका काम छूट गया और वो तीनों बहनें भुखमरी की कगार पर पहुंच गईं। तीन दिनों से भूखी प्यासी रहने के बाद तीनों बहनों को समझ नहीं आ रहा था कि वो मदद की गुहार किससे लगाएं। जिसके बाद उन्हें अखबार में पीएमओ का नंबर दिखा। बड़ी बहन गीता ने उस नंबर पर फोन कर अधिकारियों को तीन दिन से भूखे होने की जानकारी दी। पीएमओ से स्थानीय प्रशासन को फोन आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया। भागलपुर के जगदीशपुर अंचल के सीओ ने आपदा विभाग को फौरन इसकी जानकारी दी, जिसके बाद अधिकारी राशन-खाना लेकर दौड़े-दौड़े तीनों बहनों के घर पहुंचे।