LIVE: ‘मन की बात’ में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले-हिंसा का देश नहीं था यह

पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित करते हुए कुछ गंभीर विषयों पर चिंता जाहिर की। कार्यक्रम की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने हरियाणा में हुई हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हिंसा ना ही देश बर्दाश्त करेगा और ना ही सरकार। आस्था के नाम पर कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। ये देश गांधी और बुद्ध का है, हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्‍होंने देशवासियों को गणेश चतुर्थी और ओणम के साथ र्इद उल जुहा की शुभकामनाएं देते हुए स्‍वच्‍छता पर भी जोर दिया। आधुनिकता को स्‍वच्‍छता से जोड़ते हुए उन्‍होंने कहा कि इन दिनों पर्यावरण के प्रति सजगता देखा जा सकता है। उन्‍होंने गणेश चतुर्थी में इकोफ्रेंडली गणेश की मूर्तियों की तारीफ की।

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स्‍वच्‍छता मिशन के तीन साल पूरे होने की बात कहते हुए उन्‍होंने कहा, शौचालय की प्रतिशतता बढ़ी है। गुजरात के बाढ़ का जिक्र करते हुए उन्‍होंने वहां के बनासकांठा में स्‍वच्‍छता के सद्भाव का उदाहरण दिया। उन्‍होंने बताया कि जमीयत उल उलेमा हिंद ने मंदिर की सफाई की। उन्‍होंने इस साल दो अक्‍टूबर को स्‍वच्‍छता का संकल्‍प लेने की बात कही। उन्‍होंने इस साल दो अक्‍टूबर को स्‍वच्‍छता का संकल्‍प लेने की बात कही। उन्‍होंने देश वासियों से इस साल स्‍वच्‍छ 2 अक्‍टूबर बनाने की अपील करते हुए गांधी जयंती पर देश को चमकाने की बात कही।

उन्‍होंने कहा, ‘मन की बात के इस कार्यक्रम के साथ देश के हर कोने से लाखों लोग जुड़ जाते हैं। मुझे पत्र लिखते हैं, मैसेज भेजते हैं, फोन पर संदेश देते हैं, मैं आपके संदेशों का इंतजार करता हूं क्‍योंकि आपकी बातों से सीखने का मौका मिलता है और आपके इसी योगदान के लिए आभार व्‍यक्‍त करता हूं।’

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29 अगस्‍त मेजर ध्‍यानचंद की जयंती की याद दिलाते हुए उन्‍होंने राष्‍ट्रीय खेल दिवस का जिक्र किया और युवा पीढ़ी से खेलों से जुड़ने को कहा। उन्‍होंने बताया कि खेल मंत्रालय की ओर से खेल को बढ़ावा देने वाले विशेष पोर्टल के शुरुआत की जाएगी। उन्‍होंने कंप्‍यूटर के बजाय खुले मैदान में खेलने पर जोर दिया।

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