एलएलबी पेपर लीक: डा.ऋचा मिश्रा की जासूसी करा रहा था पति, फंसाने के लिए लीक कराया था आडियो

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एलएलबी पेपर लीक: डा.ऋचा मिश्रा की जासूसी करा रहा था पति, फंसाने के लिए लीक कराया था आडियो

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी पेपर लीक केस की जांच कर रही यूपी एसटीएफ ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि पेपर लीक कांड में आरोपित शेखर हास्पिटल की डा. ऋचा मिश्रा व उनके पति डा.एके सचान में अनबन रहती थी। डा.एके सचान पत्नी की गतिविधियों से खिन्न थे। हालांकि डा. सचान ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर डा. ऋचा से दूसरी शादी की थी। हालांकि इसके बाद भी दोनों के बीच संबंध ठीक नहीं थे।

Llb Paper Leak Matter Doctor Richa Mishra :

एसटीएफ ने जांच में खुलासा हुआ कि डा. ऋचा का मोबाइल फोन एक स्पाई साफ्टवेयर के जरिये गुपचुप रूप से सुना जा रहा था। इस साफ्टवयेर को डा. एके सचान ने लोड करवाया था। उन्होंने 72 हजार रुपये का एक मोबाइल खरीदा था। इस एनरायड मोबाइल में स्पाई साफ्टवेयर लोड कराया। इसमें उनके तकनीशियन आशीष श्रीवास्तव ने मदद की। आशीष शेखर हास्पिटल में सीसीटीवी का काम करता था। साफ्यवेयर लोड करने और उसे आपरेट करने के लिए उसे डा. एके सचान ने आशीष को 25 हजार रुपये भी दिए थे।

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि डा. एके सचान की अपनी पत्नी डा. ऋचा से अनबन चल रही है। वह उनके व्यवहार से खुश नहीं थे। लिहाजा, उन्होंने डा. ऋचा की निगरानी कराने के लिए प्राइवेट डिटेक्टिव की भी मदद ली। जांच में पाया गया कि वर्ष 2006 में डा एके सचान ने पहली पत्नी को तलाक देकर अपने शेखर अस्पताल में काम करने वाली डा. ऋचा मिश्रा से शादी कर ली। डा. ऋचा मिश्रा के अति महत्वाकांक्षी होने के कारण कुछ वर्षों के बाद डा. एके सचान से संबंध खराब होने लगे लेकिन लड़ते-झगड़ते अभी तक साथ रह रहे हैं। डा. ऋचा की मनमानी की वजह से ही नाराज़ होकर डा. एके सचान ने उनकी निगरानी शुरू करवाई थी।

पूरे मामले में डा. एके सचान के पारिवारिक मित्र पवन बाजपेयी ने मदद की। डा. सचान ने पवन के जरिये ही मोबाइल में साफ्टवेयर लोड करवा दिया। पवन को डा. एके सचान ने एक मोबाइल व सिमकार्ड खरीदकर दिया। इसी मोबाइल पर पवन इंटरनेट चालू कर आशीष द्वारा दी गई मेल-आईडी व पासवर्ड से लिंक खोलकर डा. ऋचा द्वारा की जा रही बातें सुनने लगे और इसे सेव करते रहे। वह इसे रोज़ डा. एके सचान को सुनाने जाते। चूंकि पवन के मोबाइल में पूरी रिकार्डिंग थी, लिहाजा उन्होंने डा. एके सचान की सहमति से इसे आशीष श्रीवास्तव को दे दिया। उससे आडियो को किसी ऐसे ग्रुप पर लीक करने को कहा गया, ताकि डा. ऋचा की पोल-पट्टी खुल सकें।

आईजी एसटीएफ अमिताभ यश का कहना है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एसटीएफ ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। साथ ही रिपोर्ट लखनऊ पुलिस को भी आगे की कार्रवाई के लिए दी गई है।

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी पेपर लीक केस की जांच कर रही यूपी एसटीएफ ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि पेपर लीक कांड में आरोपित शेखर हास्पिटल की डा. ऋचा मिश्रा व उनके पति डा.एके सचान में अनबन रहती थी। डा.एके सचान पत्नी की गतिविधियों से खिन्न थे। हालांकि डा. सचान ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देकर डा. ऋचा से दूसरी शादी की थी। हालांकि इसके बाद भी दोनों के बीच संबंध ठीक नहीं थे। एसटीएफ ने जांच में खुलासा हुआ कि डा. ऋचा का मोबाइल फोन एक स्पाई साफ्टवेयर के जरिये गुपचुप रूप से सुना जा रहा था। इस साफ्टवयेर को डा. एके सचान ने लोड करवाया था। उन्होंने 72 हजार रुपये का एक मोबाइल खरीदा था। इस एनरायड मोबाइल में स्पाई साफ्टवेयर लोड कराया। इसमें उनके तकनीशियन आशीष श्रीवास्तव ने मदद की। आशीष शेखर हास्पिटल में सीसीटीवी का काम करता था। साफ्यवेयर लोड करने और उसे आपरेट करने के लिए उसे डा. एके सचान ने आशीष को 25 हजार रुपये भी दिए थे। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि डा. एके सचान की अपनी पत्नी डा. ऋचा से अनबन चल रही है। वह उनके व्यवहार से खुश नहीं थे। लिहाजा, उन्होंने डा. ऋचा की निगरानी कराने के लिए प्राइवेट डिटेक्टिव की भी मदद ली। जांच में पाया गया कि वर्ष 2006 में डा एके सचान ने पहली पत्नी को तलाक देकर अपने शेखर अस्पताल में काम करने वाली डा. ऋचा मिश्रा से शादी कर ली। डा. ऋचा मिश्रा के अति महत्वाकांक्षी होने के कारण कुछ वर्षों के बाद डा. एके सचान से संबंध खराब होने लगे लेकिन लड़ते-झगड़ते अभी तक साथ रह रहे हैं। डा. ऋचा की मनमानी की वजह से ही नाराज़ होकर डा. एके सचान ने उनकी निगरानी शुरू करवाई थी। पूरे मामले में डा. एके सचान के पारिवारिक मित्र पवन बाजपेयी ने मदद की। डा. सचान ने पवन के जरिये ही मोबाइल में साफ्टवेयर लोड करवा दिया। पवन को डा. एके सचान ने एक मोबाइल व सिमकार्ड खरीदकर दिया। इसी मोबाइल पर पवन इंटरनेट चालू कर आशीष द्वारा दी गई मेल-आईडी व पासवर्ड से लिंक खोलकर डा. ऋचा द्वारा की जा रही बातें सुनने लगे और इसे सेव करते रहे। वह इसे रोज़ डा. एके सचान को सुनाने जाते। चूंकि पवन के मोबाइल में पूरी रिकार्डिंग थी, लिहाजा उन्होंने डा. एके सचान की सहमति से इसे आशीष श्रीवास्तव को दे दिया। उससे आडियो को किसी ऐसे ग्रुप पर लीक करने को कहा गया, ताकि डा. ऋचा की पोल-पट्टी खुल सकें। आईजी एसटीएफ अमिताभ यश का कहना है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में एसटीएफ ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। साथ ही रिपोर्ट लखनऊ पुलिस को भी आगे की कार्रवाई के लिए दी गई है।