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लॉकडाउन 5: धार्मिक स्थलों को खोलने से करोड़ो लोगों को मिल सकता है रोजगार और भोजन

Lockdown 5 Crores Of People Can Get Employment And Food By Opening Religious Places

भारत में कोरोना संक्रमितो की संख्या दिन प्रतिदन बढ़ती चली जा रही है, हालांकि पूरे देश में बीते 24 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है लेकिन इसके बावजूद संक्रमण फैलता चला जा रहा है। अभी तक 4 लॉकडाउन हुए हैं, वहीं बात करें लॉकडाउन-4 की तो 18 मई से 31 मई तक घोषित हुए इस लॉकडाउन में तमाम तरह की छूट दी गयी, प्रवासियों व विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया गया जिसकी वजह से देश में कोरोना संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है। अब सरकार लॉकडाउन 5 लगाने के लिए मंथन कर रही है, लेकिन इस दौरान धार्मिक स्थल खोले जाने की लगातार मांग की जा रही है।

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बता दें कि बीते 22 मार्च से ही सारे मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे, चर्च बंद हैं, जिसकी वजह से धार्मिक स्थल से जुड़़े लोगों की भी हालत बिगड़ती चली जा रही है। आंकड़ो की माने तो देश के सभी धार्मिक स्थलों से रोजाना करोड़ो गरीब, जरूरतमंद लोगों को भंडारे के रूप में भोजन मिलता है। फुटपाथ पर जिंदगी बिताने वाले तमाम लोग इन धार्मिक स्थलों के सहारे ही अपना जीवनयापन करते हैं। फूल, प्रसाद सामग्री, पूजन का सामान बेंचने वालों का भी रोजगार यहीं से चलता है। वहीं बात करें धर्म गुरूओं की तो वो कोई संत हो, मौलवी हो या फिर फादर, सभी का जीवन यापन श्रद्धालुओं की वजह से चलता है। ऐसे में जब सभी धार्मिक स्थल बंद हैं तो उनका भी कोई ध्यान देने वाला नही है। हाल ही में धर्मगुरूओं ने सरकार से धार्मिक स्थल खोलने की मांग भी की थी।

भूखमरी और बेरोजगार पर लगाया जा सकता है अंकुश

जिस तरह से देश में रोजाना कोरोना संक्रमण के केस बढ़ते चले जा रहे हैं, उसे देखकर तो लगता हैं बेरोजगारी और भूख का लोगों को काफी सामना करना पड़ेगा। आये दिन सोशल मीडिया पर घटनाएं सामने आ रही हैं जहां 2 भूख से लोगों की मौत तक हो जा रही है। हालांकि सरकार अपनी तरफ से प्रवासी श्रमिको को रोजगार और राशन उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश कर रही है लेकिन सरकार के पास भी मदद करने के सीमित साधन है। ऐसे में अगर धार्मिक स्थल खोले जाते हैं तो बेरोजगारी और भुखमरी पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।

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