लॉकडाउन: कानपुर में मौलाना ने निकाह पढ़ाया, हैदराबाद में दूल्हन बोली- कुबूल है, कुबूल है, कुबूल है

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लॉकडाउन: कानपुर में मौलाना ने निकाह पढ़ाया, हैदराबाद में दूल्हन बोली- कुबूल है, कुबूल है, कुबूल है

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। इस बीच निकाह का एक दिलचस्प मामला सामने आया है। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए कानपुर में बैठे मौलाना ने निकाह पढ़ाया और हैदराबाद में मौजूद कपल ने कहा, कुबूल है, कुबूल है, कुबूल है।

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दरअसल, 6 अप्रैल को 26 साल की फारिया सुल्ताना और 28 साल के नजफ नकवी ने हैदराबाद में शादी की रस्में वर्चुअली निभाईं। निकाह में दोनों परिवारों के 16 लोग शामिल हुए। देश के बाकी हिस्सों में रहने वाले रिश्तेदारों ने शादी की रस्में अपने कम्प्यूटर पर लाइव देखी।

जानकारी के मुताबिक 5 अप्रैल को फारिया और नजफ की शादी थी। हैदराबाद में लॉकडाउन के बीच निकाह पढ़ाने मौलाना नहीं पहुंच सके। अंतिम क्षणों में कानपुर के दौ मौलानाओं की मदद ली गई। उन्होंने कानपुर से ही मास्क लगाकर लाइव निकाह की रस्में पूरी कराईं। बेंगलुरू और दूसरे शहरों के रिश्तेदारों ने घर में ही हुई शादी को लाइव देखा और वर्चुअली शामिल हुए।

दूल्हन फारिया ने बताया, हमारे पास शादी के लिए काफी समय था लेकिन अचानक लॉकडाउन के कारण उम्मीदों के मुताबिक शादी की तैयारियां नहीं हो सकीं। शादी यादगार साबित हुई क्योंकि काफी दिक्कतों के बीच रस्में पूरी हुईं। पहले हम शादी को जून तक टालने की योजना बना रहे थे लेकिन फिर इससे पहले करने का फैसला लिया।

दूल्हे नजफ नकवी के मुताबिक, जब हम शादी कर रहे थे तो चीजें सेट नहीं हो पा रही थीं। वर्चुअल शादी में टेक्निकल दिक्कतें भी आ रही थीं। यह मेरे और मेरे परिवार के मुश्किल था। मेरे पिता ने मुझसे पूछा, क्या इस तरह शादी के लिए तैयार हो। दोनों तरफ के फैमिली मेम्बर्स को यह आइडिया पसंद आया। नजफ तेलंगाना की एक मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करते हैं। उनके दो भाई हैं।

शादी की शुरुआती रस्में भले ही पूरी हो गई हों लेकिन विदाई और रिसेप्शन (वलीमा) अभी बाकी है। लॉकडाउन के कारण ये आयोजन बाद में किया जाएगा। नकवी कहते हैं, फिलहाल मैं वर्क फ्रॉम होम में बिजी हूं और फ्यूचर प्लानिंग कर रहा है। लॉकडाउन खत्म होते ही हम घूमने जाएंगे।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। इस बीच निकाह का एक दिलचस्प मामला सामने आया है। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए कानपुर में बैठे मौलाना ने निकाह पढ़ाया और हैदराबाद में मौजूद कपल ने कहा, कुबूल है, कुबूल है, कुबूल है। दरअसल, 6 अप्रैल को 26 साल की फारिया सुल्ताना और 28 साल के नजफ नकवी ने हैदराबाद में शादी की रस्में वर्चुअली निभाईं। निकाह में दोनों परिवारों के 16 लोग शामिल हुए। देश के बाकी हिस्सों में रहने वाले रिश्तेदारों ने शादी की रस्में अपने कम्प्यूटर पर लाइव देखी। जानकारी के मुताबिक 5 अप्रैल को फारिया और नजफ की शादी थी। हैदराबाद में लॉकडाउन के बीच निकाह पढ़ाने मौलाना नहीं पहुंच सके। अंतिम क्षणों में कानपुर के दौ मौलानाओं की मदद ली गई। उन्होंने कानपुर से ही मास्क लगाकर लाइव निकाह की रस्में पूरी कराईं। बेंगलुरू और दूसरे शहरों के रिश्तेदारों ने घर में ही हुई शादी को लाइव देखा और वर्चुअली शामिल हुए। दूल्हन फारिया ने बताया, हमारे पास शादी के लिए काफी समय था लेकिन अचानक लॉकडाउन के कारण उम्मीदों के मुताबिक शादी की तैयारियां नहीं हो सकीं। शादी यादगार साबित हुई क्योंकि काफी दिक्कतों के बीच रस्में पूरी हुईं। पहले हम शादी को जून तक टालने की योजना बना रहे थे लेकिन फिर इससे पहले करने का फैसला लिया। दूल्हे नजफ नकवी के मुताबिक, जब हम शादी कर रहे थे तो चीजें सेट नहीं हो पा रही थीं। वर्चुअल शादी में टेक्निकल दिक्कतें भी आ रही थीं। यह मेरे और मेरे परिवार के मुश्किल था। मेरे पिता ने मुझसे पूछा, क्या इस तरह शादी के लिए तैयार हो। दोनों तरफ के फैमिली मेम्बर्स को यह आइडिया पसंद आया। नजफ तेलंगाना की एक मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करते हैं। उनके दो भाई हैं। शादी की शुरुआती रस्में भले ही पूरी हो गई हों लेकिन विदाई और रिसेप्शन (वलीमा) अभी बाकी है। लॉकडाउन के कारण ये आयोजन बाद में किया जाएगा। नकवी कहते हैं, फिलहाल मैं वर्क फ्रॉम होम में बिजी हूं और फ्यूचर प्लानिंग कर रहा है। लॉकडाउन खत्म होते ही हम घूमने जाएंगे।