सुप्रीम कोर्ट का BCCI को आदेश- लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करनी ही होगी, राज्यों को फंड देने पर रोक

नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने आज सख्त रुख अपनाते हुए लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू करने को लेकर बीसीसीआई को दो हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने को कहा है| कोर्ट ने कहा कि लोढा पैनल एक स्वतंत्र ऑडिटर नियुक्त करेगा जो बीसीसीआई के तमाम दिए जाने वालों ठेकों की जांच करेगा| साथ ही कोर्ट ने बीसीसीआई द्वारा राज्य क्रिकेट बोर्डों को फंड जारी करने पर भी रोक लगाई और कहा कि तब तक फंड न दिए जाएं जब तक राज्य के बोर्ड भी लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने के संबंध में एफिडेविट नहीं दे देते| कोर्ट में आज यह भी साफ हो गया कि बीसीसीआई प्रमुख अनुराग ठाकुर 3 दिसंबर को कोर्ट में इस संबंध में हलफनामा देंगे| इस मामले में अगली सुनवाई 5 दिसंबर को होगी|

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी BCCI को फटकार

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को फटकार लगाते हुए लोढा समिति की सिफारिशें तुरंत मानने को कहा था| सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोढ़ा पैनल कोई मामूली पैनल नहीं है| इसे खुद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीष अध्यक्षता कर रहे हैं इसलिए वक्त बर्बाद न करें और तुरंत उनकी सिफारिशें मानें| कोर्ट ने बीसीसीआई से अंडरटेकिंग भी मांगी कि वह साफ कहे कि लोढ़ा कमेटी द्वारा सुझाए गए सुधार कब तक लागू हो जाएंगे| इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि बीसीसीआई लोढ़ा पैनल की सिफारिशें नहीं मानता है तो उन्हें खुद आदेश देना पड़ेगा|




इससे पहले कोर्ट ने बोर्ड के टॉप ऑफिसर्स की एबिलिटी जाननी चाही| कोर्ट ने पूछा कि बीसीसीआई प्रेसिडेंट अनुराग ठाकुर की एबिलिटी क्या है? इस पर बीसीसीआई के वकील कपिल सिब्बल ने कहा, “अनुराग ठाकुर सांसद हैं और रणजी टीम के कैप्टन भी रहे हैं|’ इस पर चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने चुटकी लेते हुए कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट के जजों की टीम का मैं भी कैप्टन था|”

गौरतलब है कि बीसीसीआई में सुधार लाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोढ़ा कमेटी ने अपनी सिफारिशें दी थी| इन्हें सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई 2016 को मंजूर कर लिया था| उन्हें लागू करने के लिए बीसीसीआई को 4-6 महीने का वक्त दिया गया| शुरुआत में बोर्ड लोढ़ा कमेटी की कई सिफारिशों को मानने को तैयार नहीं था लेकिन सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद 30 सितंबर को बीसीसीआई की स्पेशल जनरल मीटिंग में लोढ़ा कमेटी की कई सिफारिशों को मंजूर कर लिया| अंत में बात कुछ सिफारिशों पर आकर अटक गई| जिसको लेकर बखेड़ा खड़ा हुआ है|



Loading...