संजय राउत के बिगड़े बोल, कहा- भाड़ में जाए कानून, देख लेंगे आचार संहिता

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संजय राउत के बिगड़े बोल, कहा- भाड़ में जाए कानून, देख लेंगे आचार संहिता

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) को लेकर नेताओं की बदजुबानी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब शिवसेना नेता संजय राउत के बिगड़े बोल सामने आए हैं।

Lok Sabha Chunav 2019 Shiv Sena Sanjay Raut Controversial Statement Bhaad Mein Gaya Kanoon On Model Code Of Conduct During Elections :

आपको बता दे कि चुनाव आयोग हर वक्त नेताओं के भाषणों पर निगरानी रखता है, लेकिन शिवसेना के नेता संजय राउत ने इस बार आचार संहिता को ही चुनौती दे दी है। एक भाषण में उन्होंने कहा कि भाड़ में गया कानून, आचार संहिता को भी हम देख लेंगे।

उन्होंने कहा, हम ऐसे लोग हैं, भाड़ में जाए कानून, आचार संहिता भी हम देख लेंगे। जो बात हमारे मन में है, वो अगर हम मन से बाहर नहीं निकालेंगे तो घुटन से होती है। संजय राउत शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादक भी है। यह पहली बार नहीं है जब संजय राउस विवादित बयान दे रहे हैं। इससे पहले भी वह कई विवादित बयानों को लेकर चर्चाएं बंटोर चुके हैं। 

संजय राउत के इस बयान पर फिलहाल चुनाव आयोग, उनकी पार्टी शिवसेना या किसी अन्य राजनीतिक दल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। उनसे पहले मिजोरम के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पुलवामा आतंकी हमले का राजनीतिकरण किया है।

उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। संजय राउत शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादक भी हैं। ये कोई पहली बार नहीं है, जब उन्होंने इस तरह का विवादित बयान दिया है। संजय राउत पहले भी कई बार इस तरह के बयान दे चुके हैं।  

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) को लेकर नेताओं की बदजुबानी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब शिवसेना नेता संजय राउत के बिगड़े बोल सामने आए हैं।

आपको बता दे कि चुनाव आयोग हर वक्त नेताओं के भाषणों पर निगरानी रखता है, लेकिन शिवसेना के नेता संजय राउत ने इस बार आचार संहिता को ही चुनौती दे दी है। एक भाषण में उन्होंने कहा कि भाड़ में गया कानून, आचार संहिता को भी हम देख लेंगे।

उन्होंने कहा, हम ऐसे लोग हैं, भाड़ में जाए कानून, आचार संहिता भी हम देख लेंगे। जो बात हमारे मन में है, वो अगर हम मन से बाहर नहीं निकालेंगे तो घुटन से होती है। संजय राउत शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के संपादक भी है। यह पहली बार नहीं है जब संजय राउस विवादित बयान दे रहे हैं। इससे पहले भी वह कई विवादित बयानों को लेकर चर्चाएं बंटोर चुके हैं। 

संजय राउत के इस बयान पर फिलहाल चुनाव आयोग, उनकी पार्टी शिवसेना या किसी अन्य राजनीतिक दल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। उनसे पहले मिजोरम के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पुलवामा आतंकी हमले का राजनीतिकरण किया है।

उन्होंने पुलवामा हमले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। संजय राउत शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादक भी हैं। ये कोई पहली बार नहीं है, जब उन्होंने इस तरह का विवादित बयान दिया है। संजय राउत पहले भी कई बार इस तरह के बयान दे चुके हैं।