लोकसभा चुनाव 2019 : तीसरे चरण में दिग्गजों की साख दांव पर, चाचा—भतीजे भी होंगे आमने—सामने

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लोकसभा चुनाव : तीसरे चरण में दिग्गजों की साख दांव पर, चाचा—भतीजे भी होंगे आमने—सामने

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। दूसरे चरण का चुनाव समाप्त होने के बाद सभी तीसरे चरण के चुनाव की तैयारियों में जुट गये हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर सबसे ज्यादा बीजेपी को फायदा हुआ था,जबकि दूसरे नंबर पर सपा को लाभ मिला था। हालांकि इस बार तीसरे चरण में चाचा—भतीजे के साथ मुलायम परिवार के कई लोग चुनावी मैदान में हैं। वहीं इस चरण में आजम खान और जया प्रदा की भी प्रतिष्ठा दांव पर है। हालांकि इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।  मोदी लहर में 2014 के चुनाव में यहां से बीजपी को जीत मिली थी।

Lok Sabha Elections In The Third Phase The Prestige Of Veterans At Stake :

मुरादाबाद में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां मौजूदा भाजपा सांसद कुंवर सर्वेश सिंह को कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी और सपा के डाॅ. एसटी हसन टक्कर दे रहे हैं। वर्ष 2014 में पहली बार यहां कमल खिला था लेकिन इस बार इमरान प्रतापगढ़ी ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। वहीं संभल लोकसभा सीट पर भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी के खिलाफ शफीकुर्रहमान बर्क, कांग्रेस के मेजर जगत पाल मैदान में हैं। वहीं फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर चाचा बनाम भतीजे की लड़ाई है।

यहां से राम गोपाल यादव के लड़के अक्षय यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव चुनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही मैनपुरी लोकसभा सीट पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य सहित 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं ऐटा से कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत संभाल रहे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। सपा ने यहां से पूर्व सांसद देवेंद्र यादव को मैदान में उतारा है, जबकि बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी ने सूरज सिंह पर दांव खेला है, जिन्हें कांग्रेस समर्थन कर रही है। लोध और शाक्य मतदाताओं की अधिकाधिक संख्या वाले इस सीट पर कल्याण सिंह का दबदबा रहा है।

बदायूं लोकसभा सीट पर दो बार से सांसद रह चुके धर्मेंद्र यादव और योगी सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य आमने-सामने हैं। आंवला में 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां बीजेपी के सांसद धर्मेंद्र कश्यप और गठबंधन से बसपा के उम्मीदवार रूचिविरा तथा कांग्रेस के कुंवर सर्वराज सिंह के बीच मुकाबला है। बरेली लोकसभा सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद संतोष गंगवार, कांग्रेस के प्रवीण सिंह ऐरन और सपा के भगवत शरण गंगवार के बीच टक्कर है। संतोष गंगवार सात बार से इस सीट से विजयी रहे हैं।

वहीं भाजपा की परम्परागत सीट मानी जाने वाली पीलीभीत पर इस बार भाजपा ने अदला-बदली करते हुए वरुण गांधी को सुल्तानपुर की जगह पीलीभीत से उम्मीदवार बनाया है। जबकि मेनका गांधी को पीलीभीत की जगह सुल्तानपुर से उम्मीदवार बनाया गया है। पीलीभीत से इस बार कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। दूसरे चरण का चुनाव समाप्त होने के बाद सभी तीसरे चरण के चुनाव की तैयारियों में जुट गये हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में इन सीटों पर सबसे ज्यादा बीजेपी को फायदा हुआ था,जबकि दूसरे नंबर पर सपा को लाभ मिला था। हालांकि इस बार तीसरे चरण में चाचा—भतीजे के साथ मुलायम परिवार के कई लोग चुनावी मैदान में हैं। वहीं इस चरण में आजम खान और जया प्रदा की भी प्रतिष्ठा दांव पर है। हालांकि इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।  मोदी लहर में 2014 के चुनाव में यहां से बीजपी को जीत मिली थी। मुरादाबाद में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां मौजूदा भाजपा सांसद कुंवर सर्वेश सिंह को कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी और सपा के डाॅ. एसटी हसन टक्कर दे रहे हैं। वर्ष 2014 में पहली बार यहां कमल खिला था लेकिन इस बार इमरान प्रतापगढ़ी ने मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। वहीं संभल लोकसभा सीट पर भाजपा के परमेश्वर लाल सैनी के खिलाफ शफीकुर्रहमान बर्क, कांग्रेस के मेजर जगत पाल मैदान में हैं। वहीं फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर चाचा बनाम भतीजे की लड़ाई है। यहां से राम गोपाल यादव के लड़के अक्षय यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव चुनाव लड़ रहे हैं। इसके साथ ही मैनपुरी लोकसभा सीट पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य सहित 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं ऐटा से कल्याण सिंह की राजनीतिक विरासत संभाल रहे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। सपा ने यहां से पूर्व सांसद देवेंद्र यादव को मैदान में उतारा है, जबकि बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी ने सूरज सिंह पर दांव खेला है, जिन्हें कांग्रेस समर्थन कर रही है। लोध और शाक्य मतदाताओं की अधिकाधिक संख्या वाले इस सीट पर कल्याण सिंह का दबदबा रहा है। बदायूं लोकसभा सीट पर दो बार से सांसद रह चुके धर्मेंद्र यादव और योगी सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य आमने-सामने हैं। आंवला में 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां बीजेपी के सांसद धर्मेंद्र कश्यप और गठबंधन से बसपा के उम्मीदवार रूचिविरा तथा कांग्रेस के कुंवर सर्वराज सिंह के बीच मुकाबला है। बरेली लोकसभा सीट पर भाजपा के मौजूदा सांसद संतोष गंगवार, कांग्रेस के प्रवीण सिंह ऐरन और सपा के भगवत शरण गंगवार के बीच टक्कर है। संतोष गंगवार सात बार से इस सीट से विजयी रहे हैं। वहीं भाजपा की परम्परागत सीट मानी जाने वाली पीलीभीत पर इस बार भाजपा ने अदला-बदली करते हुए वरुण गांधी को सुल्तानपुर की जगह पीलीभीत से उम्मीदवार बनाया है। जबकि मेनका गांधी को पीलीभीत की जगह सुल्तानपुर से उम्मीदवार बनाया गया है। पीलीभीत से इस बार कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं।