संसद में 13 दिन में 11 करोड़ रुपए चढ़ा हंगामे की भेंट

संसद में 13 दिन में 11 करोड़ रुपए हंगामे की भेंट
संसद में 13 दिन में 11 करोड़ रुपए हंगामे की भेंट

Lok Sabha Rajya Sabha Adjourned For The Day Again

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तहत गुरुवार को 14वें दिन भी राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, सरकार मातृत्व अवकाश और ग्रेच्युटी बढ़ाने संबंधी विधेयक पारित कराने में सफल रही। बीते 13 दिन में दोनों सदन कुल मिलाकर 7 घंटे 57 मिनट ही चल सके। इसमें लोकसभा 3 घंटे 31 मिनट और राज्यसभा 4 घंटे 26 मिनट चल सकी। सरकारी अनुमान के अनुसार, संसद की एक मिनट की कार्यवाही पर 2.5 लाख रुपए खर्च होते हैं। संसद में दोनों सदनों का 74 घंटे का वक्त बर्बाद हुआ है। इस हिसाब से जनता की गाढ़ी कमाई के 11.10 करोड़ रुपए हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं।

यह विधेयक कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) के सांसदों के हंगामे के बीच ध्वनिमत से पारित हो गया।  सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सभापति एम. वैंकेया नायडू ने सांसदों और देश को विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं दी और भावी पीढ़ियों के लिए पर्यावरण की सुरक्षा करने और जल संरक्षण करने का आग्रह किया।

नायडू ने श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार द्वारा पेश ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक को पारित कराने के लिए सदस्यों से सहयोग मांगा। यह विधेयक 15 मार्च को लोकसभा में हंगामे के बीच पारित हो गया था।  विधेयक पारित होने के तुरंत बाद ही अन्नाद्रमुक, तेदेपा और कांग्रेस के सांसद सभापति के आसन के पास एकत्र हो गए और नारेबाजी करने लगे।

अन्नाद्रमुक कावेरी जल प्रंबधन बोर्ड के गठन की मांग कर रहा है।

राज्यसभा:
पांच ऐसे सत्र जब 1 मिनट में बैठक खत्म हुई। 73.34 घंटे का वक्त बर्बाद हुआ।

ये काम बाकी: संसद में 67 बिल जमा
राज्यसभा के पास 39 बिल पेडिंग हैं, वहीं लोकसभा में 28 में से 21 बिल लटके हैं । स्थायी और संयुक्त समितियों के पास 7 बिल हैं।

1 घंटे कार्यवाही सिर्फ 1 बार चली
राज्यसभा ने 8 मार्च को पूरे एक घंटे तक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला मुद्दों की चर्चा की। इन 13 दिनों में राज्यसभा पूरे एक घंटे के लिए सिर्फ एक बार ही चली।

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तहत गुरुवार को 14वें दिन भी राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, सरकार मातृत्व अवकाश और ग्रेच्युटी बढ़ाने संबंधी विधेयक पारित कराने में सफल रही। बीते 13 दिन में दोनों सदन कुल मिलाकर 7 घंटे 57 मिनट ही चल सके। इसमें लोकसभा 3 घंटे 31 मिनट और राज्यसभा 4 घंटे 26 मिनट चल सकी। सरकारी अनुमान के अनुसार, संसद की एक मिनट की कार्यवाही पर…