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इस मंदिर में समस्त पापों से मुक्ति दिलाते हैं भगवान शिव, भक्तों पर बरसती है इनकी कृपा

Lord Shiva Provides Salvation From All Sins In This Temple He Blesses Devotees

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: देश भर में ऐसे बहुत से अनोखे मंदिर हैं जो अपने चमत्कार और विशेषता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है, लेकिन आज हम आपको भगवान शिव जी के एक ऐसे और चमत्कारिक मंदिर के बारे में जानकारी देने वाले हैं जहां पर भक्तों के सभी पापों का नाश होता है, बकायदा इस मंदिर के अंदर पाप मुक्ति का सर्टिफिकेट भी भक्तों को दिया जाता है, भले ही आपको यह थोड़ा अजीब लग रहा होगा, आप लोगों ने सिर्फ किसी प्रतियोगिता में भाग लेकर सफलता मिलने का सर्टिफिकेट के बारे में सुना होगा परंतु यह एक ऐसा अनोखा मंदिर है जहां पाप मुक्ति का सर्टिफिकेट मिलता है।

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आप लोगों ने भगवान शिव जी के बहुत से मंदिरों के बारे में सुना होगा, भगवान शिव जी को पंच देवों में से एक माना जाता है, देशभर में इनके बहुत से स्थानों पर मंदिर मौजूद है और कई मंदिरों में समय के साथ-साथ बहुत से चमत्कार देखने को मिलते हैं, लेकिन हम आपको जिस मंदिर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं यह मंदिर अन्य मंदिरों से कुछ विशेष माना गया है और इस मंदिर का अपना अलग ही महत्व बताया जाता है, इस मंदिर के अंदर भक्तों को अपने समस्त पापों से छुटकारा मिलता है, इस शिव मंदिर की महिमा अपरंपार बताई जाती है, भगवान शिव जी का यह मंदिर राजस्थान के प्रतापगढ़ में स्थित है, जिसको “गौतमेश्वर शिव मंदिर” के नाम से जाना जाता है, यह अपनी विशेषता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

भगवान शिव जी के इस मंदिर के अंदर एक पवित्र कुंड है, जिसको मोक्षदायिनी कुंड कहा जाता है, ऐसा बताया जाता है कि इस कुंड में स्नान करने से लोगों के पाप नष्ट हो जाते हैं, कुंड में स्नान करने के पश्चात पुजारी पाप मुक्ति का सर्टिफिकेट देता है, भगवान शिव जी के गौतमेश्वर महादेव मंदिर के अंदर जिन भक्तों को पाप मुक्ति सर्टिफिकेट जारी किया जाता है उनका सारा रिकॉर्ड यहां पर सुरक्षित रहता है, भगवान शिव जी के इस मंदिर को हरिद्वार की तरह ही पूजनीय माना गया है, यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है और यह जनजाति समुदाय के लिए प्रमुख आस्था का केंद्र बना हुआ है, इस मंदिर का नाम गौतम ऋषि के नाम से जुड़ा हुआ है, ऐसा बताया जाता है कि एक जानवर को मारने पर गौतम ऋषि को श्राप मिला था, तब उन्होंने इस कुंड में स्नान किया था और उनको श्राप से मुक्ति प्राप्त हुई थी।

वैसे तो भगवान शिव जी के इस अनोखे मंदिर में वर्ष भर भक्तों का आना जाना लगा रहता है, परंतु सावन के महीने में यहां पर शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व माना गया है, इस समय के दौरान यहां पर भक्तों की अधिक संख्या देखी जाती है, भक्त इस मंदिर के अंदर अपने द्वारा जाने अनजाने में हुए पापों से मुक्ति पाने के लिए यहां पर भारी संख्या में आते हैं और यहां पर मौजूद पवित्र कुंड में डुबकी लगाकर अपने पापों से मुक्ति प्राप्त करते हैं, यह मंदिर अपने आप में बहुत ही अद्भुत माना गया है, जो भक्त यहां पर दर्शन करने के लिए आता है, उनके ऊपर महादेव की कृपा दृष्टि बनी रहती है।

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