जनरल रावत की जगह अब लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने होंगे अगले सेना प्रमुख

general mukund narvane
कोरोना से जंग: सेना प्रमुख बोले- 'ऑपरेशन नमस्ते' देंगे सफलता पूर्वक अंजाम

नई दिल्ली। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं और ऐसे में लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने भारतीय सेना के अगले प्रमुख बनने जा रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने वर्तमान में सेना के उप प्रमुख के रूप में सेवारत हैं। इसी साल सितंबर महीने में ही उन्होंने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की जिम्मेदारी संभाली थी, हालांकि इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने सेना की पूर्वी कमान की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

Lt Gen Manoj Mukund Naravane To Be Next Army Chief :

बता दें कि सेना की पूर्वी कमान भारत की चीन के साथ लगी लगभग 4,000 किलोमीटर की सीमा की देखभाल करती है। अपनी 37 वर्षों की सेवा में लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे को अत्यधिक सक्रिय आतंकवाद रोधी वातावरण के काम करने का खासा अनुभव है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन और पूर्वी मोर्चे पर सेना ब्रिगेड की कमान भी संभाली है। जनरल नरवणे श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स का भी हिस्सा रहे है।

जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 7वीं बटालियन में कमीशन दिया गया था। उनके पास जम्मू- कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकरोधी कार्रवाइयों का लंबा अनुभव है। उन्हें जम्मू और कश्मीर में अपनी बटालियन को प्रभावी रूप से कमान के लिए सेना पदक (विशिष्ट) से सम्मानित किया गया है।

नई दिल्ली। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं और ऐसे में लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवाने भारतीय सेना के अगले प्रमुख बनने जा रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने वर्तमान में सेना के उप प्रमुख के रूप में सेवारत हैं। इसी साल सितंबर महीने में ही उन्होंने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की जिम्मेदारी संभाली थी, हालांकि इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल नरवाने सेना की पूर्वी कमान की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बता दें कि सेना की पूर्वी कमान भारत की चीन के साथ लगी लगभग 4,000 किलोमीटर की सीमा की देखभाल करती है। अपनी 37 वर्षों की सेवा में लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे को अत्यधिक सक्रिय आतंकवाद रोधी वातावरण के काम करने का खासा अनुभव है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन और पूर्वी मोर्चे पर सेना ब्रिगेड की कमान भी संभाली है। जनरल नरवणे श्रीलंका में इंडियन पीस कीपिंग फोर्स का भी हिस्सा रहे है। जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 7वीं बटालियन में कमीशन दिया गया था। उनके पास जम्मू- कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकरोधी कार्रवाइयों का लंबा अनुभव है। उन्हें जम्मू और कश्मीर में अपनी बटालियन को प्रभावी रूप से कमान के लिए सेना पदक (विशिष्ट) से सम्मानित किया गया है।