यूपीपीएससी की साख पर सवालिया निशान, 2.80 करोड़ में हुआ था एलटी ग्रेड परीक्षा के प्रश्नपत्र का सौदा

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यूपीपीएसी की साख पर सवालिया निशान, 2.80 करोड़ में हुआ था एलटी ग्रेड परीक्षा के प्रश्नपत्र का सौदा

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में होने की वाली सरकारी भर्तियों का जिम्मा जिस एजेंसी पर होता है, उसी की साख पर सवालिया निशान लग गया है। दरअसल इसका खुलासा तब हुआ जब पता चला कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 का पेपर आउट हुआ था। जांच में जुटी एसटीएफ ने इसमें शामिल लोगों के सरगना प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कर को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है।

Lt Grade Teacher Recruitment Paper Sell In 20 Million Rupees Mastermind Arrested By Stf :

एसटीएफ की टीम ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि उसने कई महत्वपूर्ण राज उगले हैं। उसके पास से टीम ने तीन एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक मोबाइल व 2400 रुपए नकद एवं एक ट्राली बैग बरामद किया है। आरोपी अशोक कौशिक ने टीम को बताया कि प्रति अभ्यर्थी उसे ढाई से पांच लाख रुपए मिलने थे। उसने टीम को बताया कि यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक व सचिव अंजू कटियार को प्रत्येक परीक्षा के प्रश्न पत्र की छपाई में मिलने वाली धनराशि का पांच प्रतिशत कमीशन देता था। यहीं नहीं उसने बीती 26 मई को ही अंजू कटियार को दस लाख रूपए बतौर कमीशन नगद दिया था।

एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि अशोक चौधरी निवासी ए-1 शुकांतनगर सेक्टर चार साल्ट लेक सिटी कोलकाता ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। उसने अफसरों को बताया 28 जून 2018 को वाराणसी में यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिन्दी व सामाजिक विषय का पेपर आउट कराया गया था। साथ ही उसने बताया था कि करीब 50 अभ्यर्थियों को एक जगह बुलाकर पेपर पढ़ाया गया था। इसी के अगले दिन ये परीक्षा होनी थी।

एसटीएफ की जांच में येे भी पता चला है कि सभी अभ्यर्थी परीक्षा से एक दिन पूर्व 28 जून को वाराणसी के यूपी कॉलेज में जुटे थे। अभ्यर्थियों ने टीम को बताया कि अजय चौहान व अजीत चौहान निवासी जौनपुर तथा प्रभुदयाल निवासी गाजीपुर ने अभ्यर्थियों को 20-20 लाख रुपए में परीक्षा पास कराने की जिम्मेदारी ली थी। जांच में पता चला कि सभी अभ्यर्थियों को कौशल विकास केंद्र ले जाया गया। जहां अशोक देव चौधरी, रंजीत प्रसाद, संजय, गणेश, शैलेंद्र, अजीत चौहान, प्रभुदयाल ने दोनों प्रश्न पत्र की साल्व कापी दी।

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में होने की वाली सरकारी भर्तियों का जिम्मा जिस एजेंसी पर होता है, उसी की साख पर सवालिया निशान लग गया है। दरअसल इसका खुलासा तब हुआ जब पता चला कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 का पेपर आउट हुआ था। जांच में जुटी एसटीएफ ने इसमें शामिल लोगों के सरगना प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कर को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ की टीम ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि उसने कई महत्वपूर्ण राज उगले हैं। उसके पास से टीम ने तीन एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, एक मोबाइल व 2400 रुपए नकद एवं एक ट्राली बैग बरामद किया है। आरोपी अशोक कौशिक ने टीम को बताया कि प्रति अभ्यर्थी उसे ढाई से पांच लाख रुपए मिलने थे। उसने टीम को बताया कि यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक व सचिव अंजू कटियार को प्रत्येक परीक्षा के प्रश्न पत्र की छपाई में मिलने वाली धनराशि का पांच प्रतिशत कमीशन देता था। यहीं नहीं उसने बीती 26 मई को ही अंजू कटियार को दस लाख रूपए बतौर कमीशन नगद दिया था। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि अशोक चौधरी निवासी ए-1 शुकांतनगर सेक्टर चार साल्ट लेक सिटी कोलकाता ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। उसने अफसरों को बताया 28 जून 2018 को वाराणसी में यूपीपीएससी की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिन्दी व सामाजिक विषय का पेपर आउट कराया गया था। साथ ही उसने बताया था कि करीब 50 अभ्यर्थियों को एक जगह बुलाकर पेपर पढ़ाया गया था। इसी के अगले दिन ये परीक्षा होनी थी। एसटीएफ की जांच में येे भी पता चला है कि सभी अभ्यर्थी परीक्षा से एक दिन पूर्व 28 जून को वाराणसी के यूपी कॉलेज में जुटे थे। अभ्यर्थियों ने टीम को बताया कि अजय चौहान व अजीत चौहान निवासी जौनपुर तथा प्रभुदयाल निवासी गाजीपुर ने अभ्यर्थियों को 20-20 लाख रुपए में परीक्षा पास कराने की जिम्मेदारी ली थी। जांच में पता चला कि सभी अभ्यर्थियों को कौशल विकास केंद्र ले जाया गया। जहां अशोक देव चौधरी, रंजीत प्रसाद, संजय, गणेश, शैलेंद्र, अजीत चौहान, प्रभुदयाल ने दोनों प्रश्न पत्र की साल्व कापी दी।