लखनऊ में गरीबों को बूट तले रौंद रही उत्तर प्रदेश की ‘मित्र पुलिस’, वीडियों हुआ वायरल

लखनऊ में गरीबों को बूट तले रौंद रही उत्तर प्रदेश की 'मित्र पुलिस', वीडियों हुआ वायरल
लखनऊ में गरीबों को बूट तले रौंद रही उत्तर प्रदेश की 'मित्र पुलिस', वीडियों हुआ वायरल

Lucknow Auto Driver Brutally Beaten By Up 100 Policeman

लखनऊ। एक तरफ तो प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ पुलिस विभाग को इंसानियत का पाठ पढ़ाने में लगे हैं, वही दूसरी तरफ उन्ही के कुछ मातहत उनके दावों को पलीता लगा रहे है। इसकी बानगी राजधानी लखनऊ में तब देखने को मिली जब एक पुलिसकर्मी ने ऑटो चालक को बेहरमी से लात-घूसों से पीटा। किसी स्थानीय नागरिक ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला एसएसपी कलानिधि नैथानी तक पहुंचा तो उन्होने तत्काल आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया, जबकि मडियांव इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी रिक्सा चालक की तहरीर पर आरोपी सिपाही आनंद प्रताप पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार वीडियो 22 की रात जानकीपुरम इलाके के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे का है, जहां ऑटो की टक्कर से किसी को चोट लग गई थी। लखनऊ के रिंग रोड पर ऑटो वाले और रिक्शे वाले के बीच टक्कर हुई जिसमें रिक्शे पर बैठी महिला गिर गई। इसके बीच मौके पर पहुंचे पुलिसवाले ने ऑटो वाले को जम कर पीटा। उसे डिवाइडर से भिड़ा दिया और फिर दनादन लातें बरसाईं। इतने पर भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उसकी गर्दन पर पैर रख दिया। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पीआरवी में तैनात पुलिस कर्मियों ने ऑटो चालक की पहले जमकर पिटाई करते हुए सीने पर पैर तक रख दिया।

घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस के आला अफसर हरकत में आए और आरोपी आनंद प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पीआरवी के इंचार्ज को भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा ऑटो चालक की तहरीर पर आईपीसी की धारा 323, 504, 506 और 352 के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है। साथ ही मड़ियांव थाना प्रभारी तेज प्रताप सिंह को लाइन हाजिर भी किया गया है।

वहीं मामले में आरोपी आनंद का कहना है कि कॉलर ने कहा कि वह पुलिस में शिकायत नहीं दर्ज कराना चाहता है, बस महिला को इलाज का पैसा मिल जाए और रिक्शेवाले का रिक्शा ठीक करा दिया जाए। आनंद ने कहा, ‘मैंने ऑटोवाले से उसके मालिक का नंबर मांगा तो उसने 3 बार गलत नंबर दिया। वह काफी नशे में था और गाली-गलौच कर रहा था।’ आनंद ने कहा कि एक गरीब रिक्शेवाले का टूटा रिक्शा देखकर और महिला को लगी चोट देखकर उसे गुस्सा आ गया था।

लखनऊ। एक तरफ तो प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ पुलिस विभाग को इंसानियत का पाठ पढ़ाने में लगे हैं, वही दूसरी तरफ उन्ही के कुछ मातहत उनके दावों को पलीता लगा रहे है। इसकी बानगी राजधानी लखनऊ में तब देखने को मिली जब एक पुलिसकर्मी ने ऑटो चालक को बेहरमी से लात-घूसों से पीटा। किसी स्थानीय नागरिक ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला एसएसपी कलानिधि नैथानी तक पहुंचा तो उन्होने तत्काल आरोपी सिपाही…