नवाबों के शहर का इतिहास जानने को बेताब हैं लोग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोती महल में चल रहे दस दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेले में शहर पर आधारित किताबों की डिमांड सबसे ज्यादा है। लोग जानने को बेताब है कि यहाँ पर रहने वाले लोगो का इतिहास क्या है ? इसके अलावा यहाँ की ऐतिहासिक इमारतें, मनाये जाने वाले त्यौहार, नवाबों के जलवे, लखनऊ की कौन सी कला सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है और आज के समय में कितना बदलाव आया है। पुस्तक माला के नाम से प्रकाशित हुई किताब लोगों को खूब भा रही है। इसके अलावा और भी कई रायटरों की लिखी हुई किताबो को खूब पसंद किया जा रहा है और उनकी बिक्री भी खूब हो रही है। पुस्तक मेले में लगा सुभाष पुस्तक भंडार पर लखनऊ से रिलेटेड सारी किताबों का कलेक्शन मौजूद है। पुस्तक मेले के ऑनर अभिनव छाबडा ने बताया कि इस बार हर बार से ज्यादा लोगों को लखनऊ को जानने में उत्सुकता नजर आ रही है।




पुस्तक मेले में बीते दिनों में लखनऊ की जानकारी वाली किताबे सबसे ज्यादा बिकीं। इसमें बहारे अवध, ताजदारे अवध, अदभूत लखनऊ, डूबता अवध, पुराना लखनऊ, शान ए अवध, लखनपुर की आत्मकथा, टुकड़ा टुकड़ा लखनऊ, लखनऊ नवाबों से पहले, लखनऊ के हिंदी कवि, लखनऊ की तवायफें, लखनऊ शहर कुछ देखा कुछ सुना, लखनऊ के बंग समाज, अवध की बेंगमें, लखनऊ की शायरी जहान की जुबान समेत दर्जनों किताबें मौजूद है।

लोगों में जाने माने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम की बायोग्राफी की मांग सबसे ज्यादा की जा रही है। मिसाइलमैन अब्दुल कलाम की बायोग्राफी, पुस्तक विंग्स ऑफ फायर, प्रणब मुखर्जी की द ड्रामिक डिकैट, सचिन तेंदुलकर की बॉर्न टू बैट व प्लेयर इट्स माई वे काफी बिक रही है। वहीं मलाला युसुफजई, सानिया मिर्जा, शत्रुघ्न सिन्हा की खामोश, इमरान हाशमी किस आफ लाइफ, फुटबॉलर पेले, माइकल जैक्सन आदि की किताबें भी लोग पसंद कर रहें हैं|

गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ में चल रहा डेंगू का प्रकोप इतना ज्यादा है कि इसका असर मेले में भी नजर आ रहा है। लोग डेंगू से बचने वाली दवाओं की किताबे भी खूब खरीद रहे हैं। शहर में चल रहे डेंगू से बचाव के तरीके व उसकी आयुर्वेदिक दवा गायत्री प्रकाशन के स्टॉल पर उपलब्ध है। आयुर्वेदिक गिलोई की टेबलेट डेंगू से बचाव में सार्थक है। इसके अलावा स्टॉल में अध्यात्मिक पुस्तकों का बड़ा संग्रह है।

आस्था सिंह की रिपोर्ट