बुआ-बबुआ के महागठबंधन का पोस्टर निकला फेक, बीएसपी ने बताया फर्जी

Lucknow Bsp Supremo Mayawati Says The Poster Issued On Twitter Is False Propaganda

लखनऊ। रविवार को कथित रूप से बीएसपी के ट्वीटर अकाउंट पर एक पोस्टर जारी हुआ था जिसने सियासी गर्माहट बढ़ा दी थी। कयास यह लगाया जाने लगा था कि विपक्ष को एकजुट करने की यह पहल राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद ही शानदार है। इस पोस्टर ने कही न कही बीजेपी के माथे पर भी सिकन जरूर ला दिया था। इस पोस्टर में मायावती के साथ अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, ममता बनर्जी और सोनिया गांधी दिख रहें थे पोस्टर को बसपा के कथित वेरीफाइड अकाउंट @BspUp2017 से ट्वीट किया गया था। इस पोस्टर में अखिलेश और मायावती को एक साथ देख राजनीतिक पंडित भी हैरान थे। कयास यह भी लगाया जा रहा था कि बीएसपी ने इस पहल से विपक्ष को नयी धार मिलेगी, लेकिन यह सभी कयास धरे के धरे रह गए जब बीएसपी ने सोमवार को प्रेस नोट जारी करते हुए इस पोस्टर का खंडन किया।

इसमें बसपा ने कहा, ‘बसपा का कोई भी आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है। इसलिए ट्विटर के माध्यम से जारी किए गए पोस्टर और उससे संबंधित खबरें गलत व मिथ्या प्रचार हैं। बसपा उस ट्वीट का खंडन करती है।’ प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि बसपा अधिकतर हिंदी में प्रेस नोट जारी करती है जिससे वह अपनी बात विस्तार से मीडिया तक पहुंचा सके और यह सुविधा ट्विटर पर उपलब्ध नहीं है। प्रेस नोट के अनुसार, ‘पोस्टर से हवाले से जो खबर बनाई गई है वह गलत और शरारतपूर्ण है। बसपा की नीति व सिद्धांत ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ की नीति है जबकि इस पोस्टर में ‘बहुजन हिताय बहुजन सुखाय’ की नीति को दर्शाया गया है।’

बीएसपी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने आधिकारिक बयान जारी कर इस पोस्टर को फर्जी बताया है। इसके साथ ही मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि बीएसपी का आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है। सतीश चंद मिश्रा ने बयान जारी कर कहा, ‘बीएसपी का कोई आधिकारिक ट्विटर अकाउंट नहीं है। बीएसपी के ट्विटर हैंडल के नाम से पोस्टर जारी करने का प्रश्न ही नहीं उठता है।’

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि कोई भी आधिकारिक ट्विटर एकाउंट नहीं है। ट्विटर के माध्यम से जारी किए गए पोस्टर के संबंध में प्रकाशित व प्रसारित होने वाली खबरें गलत व मिथ्या प्रचार हैं। बीएसपी इसका खंडन करती है। मायावती ने कहा कि आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यादव और 27 अगस्त को प्रस्तावित विपक्ष की रैली से संबंधित जिस पोस्टर के हवाले से आज कुछ अखबारों में खबर छपी है, वह सही नहीं है। बीएसपी का कोई आधिकारिक ट्विटर एकाउंट नहीं है।

 

 

लखनऊ। रविवार को कथित रूप से बीएसपी के ट्वीटर अकाउंट पर एक पोस्टर जारी हुआ था जिसने सियासी गर्माहट बढ़ा दी थी। कयास यह लगाया जाने लगा था कि विपक्ष को एकजुट करने की यह पहल राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद ही शानदार है। इस पोस्टर ने कही न कही बीजेपी के माथे पर भी सिकन जरूर ला दिया था। इस पोस्टर में मायावती के साथ अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, ममता बनर्जी और सोनिया गांधी दिख…