डेंगू की रोकथाम के लिए केंद्र से मिले 25 करोड़ वापस क्यों किये

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने डेंगू, चिकनगुनिया के मामले में दायर जनहित याचिका पर स्वास्य विभाग, नगर निगम, नगर विकास के अधिकारियों से कहा कि आगामी 17 अक्टूबर तक स्पष्ट करे कि डेंगू की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार से वर्ष 2013 व 14 में भेजे गए 25 करोड़ रुपये वापस क्यों किये गए।

अदालत ने सरकार से पूछा है कि वर्तमान बजट में क्या किया जा रहा है, हालांकि प्रमुख सचिव की ओर से हलफनामा दिया गया कि निशुल्क दवाओं व जांच की व्यवस्था की गई है और राज्य सरकार पूरा ध्यान दे रही है। अदालत ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू की जांच 600 रुपये निर्धारित फीस पर क्यों नहीं की जा रही है। अधिक पैसा लोगों से क्यों वसूला जा रहा है। सुनवाई के समय एक स्थानीय वकील के बेटे की डेंगू से मौत में डॉक्टरों की लापरवाही के मामले में दायर अर्जी पर अदालत ने 17 अक्टूबर को सीएमओ से जानकारी मांगी है।

अर्जी देकर कहा गया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही की जिससे कि हाईकोर्ट के अधिवक्ता एसके सिंह के पुत्र की मौत हो गई थी। पिछले आदेश के पालन में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्य व सचिव नगर विकास अदालत में उपस्थित हुए। इनके साथ सीएमओ लखनऊ समेत अन्य अधिकारी भी थे।

अदलत को बताया गया कि आंकड़े इकट्ठे किये जा रहे हैं तथा कार्रवाई भी की जा रही है। न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही व न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी की खंडपीठ ने याची एमपी सिंह व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर यह आदेश दिए है।