लखनऊ में लगे मोदी बनाम योगी के विवादित पोस्टर, मचा हड़कंप

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लखनऊ में लगे मोदी बनाम योगी के विवादित पोस्टर, मचा हड़कंप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के नए हार्डिंगों पर विवाद पैदा हो गया है। जिन पर योगी फॉर पीएम लिखा है। एक तरफ पीएम मोदी की तस्वीर है, तो दूसरी तरफ योगी की। मोदी की तस्वीर की नीचे लिखा है जुमलेबाजी और योगी की तस्वीर की नीचे लिखा है हिंदुत्व का ब्रांड योगी। इस मामले में प्रदेश शासन से आदेश मिलने के बाद उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

Lucknow Hording Poster Jumlebazar Modi Hindutva Brand Yogi :

राजधानी में 2-3 स्थानों पर ये होर्डिंग रात में लगाए गए हैं। जब सुबह लोगों की नजर इन पर पड़ी तो लोग हैरान रह गए। किसी ने इस बात की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि होर्डिंग में 10 फरवरी को लखनऊ के रमाबाई मैदान में होने वाली किसी धर्म संसद के बारे में लिखा हुआ है।

सबसे ऊपर लिखा है- योगी लाओ, देश बचाओ। इसके बाद 10 फरवरी को होने वाली धर्म संसद का जिक्र है। एक तरफ पीएम मोदी की तस्वीर है, तो दूसरी तरफ योगी की लगी है। मोदी की तस्वीर की नीचे लिखा है जुमलेबाजी का नाम मोदी और योगी की तस्वीर की नीचे लिखा है हिंदुत्व का ब्रांड योगी। ये हॉर्डिंग उत्तर प्रदेश नमनिर्माण सेना की और से लगाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लिया है। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। विवादित हॉर्डिंग उतारकर पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं।

उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि अगर जनवरी तक राममंदिर और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार ने कानून नहीं बनाया तो 10 फरवरी को रमाबाई आंबेडकर मैदान में हिंदुओं की धर्म संसद आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस धर्म संसद में लगभग पांच लाख हिंदू शामिल होंगे। धर्म संसद में मोदी बहिष्कार और योगी समर्थन को लेकर एक सुर में आवाज उठेगी।

अमित जानी ने कहा कि पीएम मोदी के जुमलों से देश की हिन्दू जनता ऊब चुकी है। वह हिंदुओं के साथ धोखा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि पांचों राज्य में बीजेपी की करारी हार हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगर आदित्यनाथ योगी बीजेपी के स्टार प्रचारक न होते और इन राज्यों में जाकर प्रचार नहीं करते तो बीजेपी का खाता भी नहीं खुलता।

कौन हैं अमित जानी

समाजवादी पार्टी में रहने अमित जानी 2012 में मायावती की मूर्ति तोड़कर रातों रात सुर्खियों में आए थे। लखनऊ में बीएसपी प्रमुख की मूर्ति तोड़ने के मामले में उन्हें जेल भेजा गया था। उनके ऊपर रासुका जैसी धारा भी लगाई गई थी। महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को के बाद उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तर्ज पर उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना का गठन किया था।

मेरठ के रहने वाले अमित जानी के खिलाफ कई संगीन केस दर्ज हैं। उन्हें शिवसेना के कार्यालय में तोड़फोड़ करने, राहुल गांधी को काले झंडे दिखाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों में कई बार जेल भेजा जा चुका है। हाल ही में अक्टूबर महीने में उन्हें बिसाहड़ा गांव से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया था। उनके ऊपर बिना प्रशासन की अनुमति के बिसाहड़ा गांव में पंचायत करने के प्रयास का आरोप लगा था। पिछले साल अमित जानी ने आजम खां की जीभ काटने वाले को इनाम देने की घोषणा भी की थी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के नए हार्डिंगों पर विवाद पैदा हो गया है। जिन पर योगी फॉर पीएम लिखा है। एक तरफ पीएम मोदी की तस्वीर है, तो दूसरी तरफ योगी की। मोदी की तस्वीर की नीचे लिखा है जुमलेबाजी और योगी की तस्वीर की नीचे लिखा है हिंदुत्व का ब्रांड योगी। इस मामले में प्रदेश शासन से आदेश मिलने के बाद उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। राजधानी में 2-3 स्थानों पर ये होर्डिंग रात में लगाए गए हैं। जब सुबह लोगों की नजर इन पर पड़ी तो लोग हैरान रह गए। किसी ने इस बात की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि होर्डिंग में 10 फरवरी को लखनऊ के रमाबाई मैदान में होने वाली किसी धर्म संसद के बारे में लिखा हुआ है। सबसे ऊपर लिखा है- योगी लाओ, देश बचाओ। इसके बाद 10 फरवरी को होने वाली धर्म संसद का जिक्र है। एक तरफ पीएम मोदी की तस्वीर है, तो दूसरी तरफ योगी की लगी है। मोदी की तस्वीर की नीचे लिखा है जुमलेबाजी का नाम मोदी और योगी की तस्वीर की नीचे लिखा है हिंदुत्व का ब्रांड योगी। ये हॉर्डिंग उत्तर प्रदेश नमनिर्माण सेना की और से लगाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लिया है। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। विवादित हॉर्डिंग उतारकर पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने कहा कि अगर जनवरी तक राममंदिर और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सरकार ने कानून नहीं बनाया तो 10 फरवरी को रमाबाई आंबेडकर मैदान में हिंदुओं की धर्म संसद आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस धर्म संसद में लगभग पांच लाख हिंदू शामिल होंगे। धर्म संसद में मोदी बहिष्कार और योगी समर्थन को लेकर एक सुर में आवाज उठेगी। अमित जानी ने कहा कि पीएम मोदी के जुमलों से देश की हिन्दू जनता ऊब चुकी है। वह हिंदुओं के साथ धोखा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि पांचों राज्य में बीजेपी की करारी हार हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगर आदित्यनाथ योगी बीजेपी के स्टार प्रचारक न होते और इन राज्यों में जाकर प्रचार नहीं करते तो बीजेपी का खाता भी नहीं खुलता।

कौन हैं अमित जानी

समाजवादी पार्टी में रहने अमित जानी 2012 में मायावती की मूर्ति तोड़कर रातों रात सुर्खियों में आए थे। लखनऊ में बीएसपी प्रमुख की मूर्ति तोड़ने के मामले में उन्हें जेल भेजा गया था। उनके ऊपर रासुका जैसी धारा भी लगाई गई थी। महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को के बाद उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तर्ज पर उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना का गठन किया था। मेरठ के रहने वाले अमित जानी के खिलाफ कई संगीन केस दर्ज हैं। उन्हें शिवसेना के कार्यालय में तोड़फोड़ करने, राहुल गांधी को काले झंडे दिखाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों में कई बार जेल भेजा जा चुका है। हाल ही में अक्टूबर महीने में उन्हें बिसाहड़ा गांव से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया था। उनके ऊपर बिना प्रशासन की अनुमति के बिसाहड़ा गांव में पंचायत करने के प्रयास का आरोप लगा था। पिछले साल अमित जानी ने आजम खां की जीभ काटने वाले को इनाम देने की घोषणा भी की थी।