कलयुगी मां: 60 हज़ार में किया सात माह के बेटे का सौदा, सदमें में गयी बेटी की जान

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कलयुगी मां: 60 हज़ार में किया सात माह के बेटे का सौदा, सदमें में गयी बेटी की जान
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक औरत के दिल में इस कदर लालच आया कि उसने मां-बेटे के रिश्ते को शर्मशार कर दिया। पैसो के लालच में उसने अपने सात माह के दुधमुहे बेटे को महज 60 हज़ार रूपए में बेंच दिया। घर लौटे पति ने बच्चे के बारे में पूछताछ की तो महिला ने उसी के ऊपर बेटे को गायब करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उधर, भाई के गायब होने की जानकारी जब महिला की मासूम…

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक औरत के दिल में इस कदर लालच आया कि उसने मां-बेटे के रिश्ते को शर्मशार कर दिया। पैसो के लालच में उसने अपने सात माह के दुधमुहे बेटे को महज 60 हज़ार रूपए में बेंच दिया। घर लौटे पति ने बच्चे के बारे में पूछताछ की तो महिला ने उसी के ऊपर बेटे को गायब करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उधर, भाई के गायब होने की जानकारी जब महिला की मासूम बेटी को हुई तो वो सदमे में आ गई और बेहोश होकर वही गिर पड़ी। पड़ोसियों ने मासूम को ट्रामा पहुंचाया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बेटी का अंतिम संस्कार करने के बाद पिता कई दिनों तक अपने मासूम बेटे को तलाशता रहा, लेकिन जब उसका कुछ पता नहीं चला तो उसने पत्नी पर शक जताते हुए पुलिस से मदद मांगी। पूछताछ के दौरान पहले तो महिला पुलिस को बरगलाती रही, लेकिन बाद में वो टूट गई और पडोसी के रिस्तेदारो के हाथ बेटे को बेचने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने बच्चा लेने वाले से संपर्क किया तो मासूम को लेकर थाने पहुंचे। फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला व पडोसी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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बाजारखाला के पुराने हैदरगंज में अजय गुप्ता पत्नी पायल, 5 साल की बेटी मेघा व सात माह के बेटे ओम के साथ रहते थे। टीबी की बीमारी से पीड़ित अजय घर पर ही रहते है जबकि पायल घरो में काम करती है। अजय के मुताबिक चार दिन पहले वो बेटी को लाने स्कूल गया था। वहां से लौट कर आया तो बेटे को गायब देख पायल से पूछताछ की। पहले तो पायल टालमटोल करती रही लेकिन बाद में अजय पर ही बेटे को गायब करने का आरोप लगते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

वही बेटी मेघा को जब भाई के खो जाने की जानकारी हुई तो वो बेसुध होकर वही गिर गई। अजय ने पड़ोसियों की मदद से उसे ट्रामा पहुंचाया जहां मेघा ने दम तोड़ दिया। बाद में काफी खोजबीन पर भी ओम का कुछ पता नहीं चला तो अजय ने इसकी सूचना पुलिस को दी। शक के दायरे में आई पायल से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि पड़ोसी आशुतोष गुप्ता और उसकी बहन रूचि के माध्यम से उन्ही के एक रिस्तेदार किशन बाबू के हाथ बच्चे को 60 हज़ार में बेच दिया है। इसके लिए उसने कचहरी जाकर 10 रूपए के स्टाम्प पेपर पर अजय के जाली दस्तखत भी किये।

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फिलहाल पुलिस ने पायल और आशुतोष को हिरासत में ले लिया है।

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