लखनऊ पहुंची राहुल गांधी की किसान यात्रा, रोड शो से कांग्रेस ने दिखाई ताकत

लखनऊ। देवरिया से दिल्ली तक किसान यात्रा निकाल रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को यूपी की राजधानी पहुंचे। यात्रा के दौरान गुरूवार को उन्नाव से जनसभा को सूचित कर रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी दोपहर करीब 2 बजे लखनऊ के वीवीआईपी गोस्ट हाउस पहुंचे। जहां से यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर, यूपी के विधानसभा चुनावों के लिए सीएम पद की प्रत्याशी शीला दीक्षित को साथ लेकर राहुल गांधी अपने रोड शो के लिए निकल गए।




राहुल गांधी का रोड शो लखनऊ के नदवा कालेज से शुरू होकर परिवर्तन चौक, केसरबाग, अमीनाबाद होते हुए पुराने लखनऊ के चौक में रोड़ शो को समाप्त किया गया। रोड शो के दौरान कांग्रेस ने लखनऊ की सड़कों पर जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। लखनऊ के आसपास के जिलों से भारी संख्या में पहुंचे कांग्रेस समर्थकों ने राहुल गांधी के शक्ति प्रदर्शन को एक शक्तिप्रदर्शन का रूप दे दिया। इस दौरान लखनऊवासियों में भी राहुल गांधी की झलक देखने की ललक नजर आई। राहुल गांधी ने सड़कों के किनारे खड़े अपने समर्थकों का हाथ हिलाकर अभिनन्दन किया।




लखनऊ राहुल गांधी ने अपने रोड शो से ठीक पहले हजरतगंज स्थि​त कैथेड्रिल चर्च में मोमबत्ती जलाई और उसके बाद वे सीधे नदवा कालेज पहुंचे। जहां उन्होंंने मुस्लिम धर्मगुरूओं का आशीर्वाद लिया। इसके बाद रैदास मन्दिर और फिर परविर्तन चौक के पास स्थापित म​हर्षि वाल्मीकि की मूर्ति पर माल्यार्पण कर राहुल गांधी ने अपने रोड शो को शुरू किया। स्थानीय पार्टी नेताओं ने थोड़ी थोड़ी दूर पर राहुल गांधी का माल्यर्पण किया तो, समर्थकों ने नारेबाजी के साथ फूलों की बरसात कर पूरे रास्ते को फूलों से पाट दिया।

सियासी चश्मे से देखा जाए तो राहुल गांधी का ये रोड शो का मैप वोटबैंक राजनीति को ध्यान में रख कर तैयार किया गया था। रोड शो से पहले राहुल गांधी का नदवा कालेज जाना और उसके बाद दलितों की आस्था के केन्द्र रैदास मंदिर जाना आपने आप में साफ इशारा करता है कि राहुल गांधी मुस्लिमों और दलितों का दिल जीतने की कोशिश में हैं। इसके आगे की बात की जाए तो जिस रास्ते से होकर राहुल गांधी का रोड़ शो गुजरा वह इलाका कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। ये रास्ता लखनऊ के व्यस्ततम इलाकों से होकर गुजरता है। हालांकि इस रोड शो से लखनऊ की जनता को भी घंटों जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा।




राहुल गांधी ने दलितों का ध्यान कांग्रेस की ओर खींचने के लिए हजरतगंज स्थित अंबेडकर छात्रावास का भी जायजा भी लिया और वहां मौजूद अव्यवस्था को देखते हुए उन्होंने छात्रावास के लिए आर्थिक मदद की घोषणा भी की।