घाटे में रहा लखनऊ मेट्रो का एक माह का सफर, बिजली पर खर्च हुए 55 लाख

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में लखनऊ मेट्रो के एक महीने का सफर घाटे भरा रहा। एक महीने में मेट्रो में छह लाख से अधिक लोगों ने सफर किया, जिसकी पूरी कमाई करीब 1.2 करोड़ हुई है। इस घाटे की पूर्ति के लिये मेट्रो प्रशासन आय के अन्य श्रोत तैयार करने में विफल रहा। पांच सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच मेट्रो संचालन और स्टेशनों के रखरखाव पर ही करीब 55 लाख की बिजली खर्च हो गयी।

सूत्रों की मानें तो डिपो से लेकर स्टेशनों और चार मेट्रो के संचालन पर प्रतिदिन करीब पौने दो लाख रुपये बिजली खर्च आया है। सभी खर्च मिलाकर
करीब चार करोड़ से अधिक रुपये एक माह में खर्च हुए हैं। लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) को विज्ञापन, स्टेशनों पर खानपान के स्टाल (प्रापर्टी डेवलेपमेंट एरिया), एटीएम व मेट्रो के भीतर विज्ञापन से आने वाले समय में हर माह लाखों रुपये की कमाई होनी तय है, इसके अलावा एलडीए से मिलने वाली 150 एकड़ जमीन आने वाले चंद सालों में बड़ा राजस्व का जरिया बनेगा।

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फिलहाल एक महीने में मेट्रो के संचालन पर हुए खर्च की समीक्षा विभागीय स्तर पर की जानी है। देखना ये होगा कि एक महीने में हुए घाटे की भरपाई के लिये मेट्रो प्रशासन आने वाले समय के लिये क्या तैयारियां कर पाता है।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में लखनऊ मेट्रो के एक महीने का सफर घाटे भरा रहा। एक महीने में मेट्रो में छह लाख से अधिक लोगों ने सफर किया, जिसकी पूरी कमाई करीब 1.2 करोड़ हुई है। इस घाटे की पूर्ति के लिये मेट्रो प्रशासन आय के अन्य श्रोत तैयार करने में विफल रहा। पांच सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच मेट्रो संचालन और स्टेशनों के रखरखाव पर ही करीब 55 लाख की बिजली खर्च हो गयी। सूत्रों की मानें…
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