बीमार बेटी का कष्ट नहीं देख सका पिता, हत्या कर शव जमीन में दफना दिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप भी हैरान राज जायेंगे। कैसरबाग क्षेत्र स्थित सफदलबाग लालकुआं मोहल्ले में 29 अम्टूबर की रात पोताई मजदूर राजकुमार ने बीमार बेटी से तंग होकर गला दबाकर उसकी हत्या कर शव जमीन में दफनान दिया था। वारदात के बाद से फरार चल रहे राजकुमार कोरी को कैसरबाग पुलिस ने मंगलवार को हिवेट रोड तिराहे से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को उसके बताये गये स्थाने से स्टील की एक मुड़ी हुई प्लेट मिली है जो उसने हत्या में प्रयुक्त की थी।




पुलिस की गिरफ्त में आये राजकुमार ने प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अशोक कुमार पाण्डेय को बताया कि बेटी बहुत समय से गंभीर बीमारियों से ग्रसित थी, इलाज करा-कराकर मैं तंग आ चुका था। मैने उसकी बहुत सेवा की, लेकिन वह ठीक नहीं हुई। उसकी पीठ में बेड सोल हो गये थे। अब उसका कष्ट हमसे देखा नहीं जा रहा था। इसलिए गला दबाकर मारने के बाद लाश को कमरे में दफना दिया था। कैसरबाग क्षेत्र के 104/65 सफदलबाग मोहल्ला निवासी रामकुमार की पत्नी का तीन साल पहले देहान्त हो चुका है। उसकी एक बेटी नैनसी (13) थी जो 4-5 साल से बीमार थी। उसका इलाज चल रहा था। गरीबी के कारण रामकुमार बेटी का इलाज ठीक से नहीं करा पा रहा था। घर में ही उसकी लाश जमीन में गड़ी मिलने पर पुलिस ने पिता के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वह फरार है।




पुलिस ने लड़की की लाश मकान के पिछले हिस्से में कच्ची जमीन पर गढ्डा खोदवा कर पोस्टमार्टम मार्टम के लिए भेज दिया था। आरोपित रामकुमार के भाई सुशील ने पुलिस को बताया था कि रामकुमार अक्सर घर पर ताला लगाकर चला जाता था और बेटी को घर के सामने एक खाली स्थान पर चारपायी पर लिटा देता था। शनिवार को जब रामकुमार व उसकी बीमार बेटी नैनसी दोनों नहीं दिखायी दिए तो उसने नैनसी की तलाश शुरू की। वह तलाशते हुए जब मकान के पिछले हिस्से में गया तो आंगन में मिट्टी ताजी खुदी दिखी। सुशील ने मिट्टी खोदकर देखा तो उसमें नैनसी की लाश मिली थी। उसने 100 नम्बर डायल कर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने लाश का मुआयना कर बताया था कि लड़की की गर्दन पर एक फुड़ियां का घाव था। पीठ पर भी बेड सोल थे। ऐसा लगता है कि पिता ने ही हत्याकर लाश को यहां दफनाया है।