डेंगू पर सरकार की कार्रवाई से हाईकोर्ट असंतुष्ट, कहा अधिकारियों ने की घोर लापरवाही

लखनऊ: इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ डेंगू व चिकनगुनिया से निपटने में सरकारी विभागों की कार्यवाही से असंतुष्ट है। अदालत ने कहा कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने घोर लापरवाही की। इसके इलाज व रोकथाम के लिए अब तक की गई कार्यवाही अपर्याप्त है। यह आदेश न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही व न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता एमपी सिंह व एक अन्य की जनहित याचिका पर दिये हैं। सुनवाई के समय मुख्य सचिव की और से पेश किये गए हलफनामे में कहा गया कि डेंगू को महामारी घोषित करने का कैबिनट का फैसला 8 नवम्बर को किया जा चुका है। 9 नवम्बर को गजट के लिए भेज दिया गया है।



सरकारी वकील ने अदालत को यह भी बताया की लापरवाही करने वाले 14 अधिकारियों व अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गयी। कहा कि टास्क फोर्स भी मीटिंग कर कार्रवाई कर रही है। अदालत ने कहा की इतने बड़े मामले में इस प्रकार की लचर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। अदालत ने कहा कि सरकार व विभागों द्वारा की गयी कार्रवाई अपर्याप्त है।याची की ओर से आरोप लगाया गया की अभी तक नोटिफिकेशन का गजट जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने मामले में घोर लापरवाही की है।



यह भी कहा गया कि लखनऊ में सरकारी प्रेस है, फिर भी अब तक गजट जारी नहीं किया गया। कहा कि अभी तक कुछ ही लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हुई। सुनवाई के समय प्रमुख सचिव स्वास्य, चिकित्सा शिक्षा व जल निगम के अधिकारी उपस्थिति हुए। विदित हो की डेंगू, चिकनगुनिया से लखनऊ शहर समेत प्रदेश में लोगों की लगातार मौत हो रही है। यह भी आरोप लगाया गया कि अभी तक राज्य सरकार व संबंधित विभागों द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है।