बापू भवन के एसी प्लांट के सामान में लगी आग, साजिश की आ रही बू

लखनऊ। बापू भवन सचिवालय में पुराने एसी प्लांट के लिए मंगाये गये सामान में आग से लाखों की क्षति हुई है। आशंका जतायी जा रही है कि साजिश के तहत यह आग लगायी गयी। प्रत्यक्षदर्शियों व कर्मचारियों का कहना है कि बीड़ी व सिगरेट से इतने मोटे प्लास्टिक व फर्नीचर आदि में आग नहीं लग सकती। यह आग पूरी तरह से साजिश के तहत लगायी गयी है। बापू भवन में पुराने एसी प्लांट के मरम्मत का कार्य चल रहा है। पुराने सामान बदलने के लिए बड़ी मात्रा में प्लास्टिक से जुड़े सामान मंगाये गये थे।



यह सामान बापू भवन के दक्षिण में स्थित जनरेटर कक्ष के बगल में खुले में रखे थे, लेकिन बृहस्पतिवार को अचानक दोपहर में आग लग गयी। आग थोड़े ही देर में फैल गयी और एसी के सामान जलने लगे। लपटें जब ज्यादा उठने लगीं तो सचिवालयकर्मियों ने तत्काल पानी का पाईप खोल दिया। आस-पास खड़े कुछ ड्राइवरों और सचिवालयकर्मियों ने पानी फेंक कर आग पर काबू पाया। आग बुझते ही पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने एक-एक कर सभी विभागीय अधिकारियों को नये एसी प्लांट के लिए लाये गये सामान में आग लगने की जानकारी दी।



आधे घंटे के अंदर पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड के अधीक्षण और मुख्य अभियंता ने आकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। आग से लाखों की क्षति हुई है। इसका आंकलन किया जा रहा है।उधर प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आगजनी पीडब्ल्यूडी के ही मेंटीनेंस करा रहे किसी की साजिश हो सकती है। घटना स्थल पर आग लगने का कोई कारण नहीं है। बीड़ी व सिगरेट से इतने मोटे प्लास्टिक व फर्नीचर आदि में आग नहीं लग सकती है। यह आग पूरी तरह से साजिश के तहत लगायी गयी है। आशंका है कि इसमें ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी के अभियंताओ की मिलीभगत हो।

सचिवालय के एक कर्मचारी नेता ने कहा कि आगजनी की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पैसा राज्य सम्पत्ति विभाग देता है, लेकिन पीडब्ल्यूडी से जुड़े कुछ लोग मेंटीनेंस के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।