लखनऊ: जिला जेल में बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

लखनऊ: जिला जेल में फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के मामले में निरुद्ध बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। बेटे के मुताबिक जेल प्रशासन ने सीने में दर्द की शिकायत पर भर्ती कराने की बात कही थी, लेकिन वह यह बात मानने को तैयार ही नहीं था। अगले माह मुकदमें में कोर्ट में पेशी थी। बेटे ने हत्या का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह साफ होगी।




हसनगंज के खदरा हनुमंतनगर निवासी ओमकार तिवारी (45) चाय का होटल चलाता था। बीते 8 जून को बख्शी का तालाब पुलिस ने ओमकार, केके सिंह, गुड्डू व वीरेन्द्र तिवारी को फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बेटे अंकित ने बताया कि गुरुवार को जेल प्रशासन ने उसे फोन कर पिता की मौत की खबर दी।बुधवार रात बंदी ओमकार को सीने में दर्द की शिकायत आयी। इस पर बंदी को जेल प्रशासन में भर्ती कराया गया, जहां गंभीर हालत में उन्हें बलरामपुर अस्पताल रेफर किया गया। वहां ओमकार की मौत हो गयी।

अंकित का कहना है कि पिता ओमकार को सीने में दर्द की शिकायत थी, लेकिन उन्हें हृदय की कोई भी बिमारी नहीं थी। बेटे ने बताया कि वीरेन्द्र अपने साथी केके सिंह व गुड्डू के साथ पिता के चाय के होटल पर आता था। इसी वजह से वीरेन्द्र की पहचान हुई और पिता से दोस्ती हो गयी। वीरेन्द्र ने पिता ओमकार की जमीन की खरीद-फ्रोखत करने में मोटे मुनाफे का लालच दिया। झांसे में आकर पिता साथ में काम करने लगे। वीरेन्द्र ने बीकेटी के तिवारीपुर स्थित नजूल की जमीन के फर्जी कागजात केके सिंह, ओमकार व गुड्डू के नाम से तैयार किये और फिर बेच दी। जिस शख्स ने नजूल की जमीन खरीदी थी।




उसने बख्शी का तालाब थाने में फर्जी कागजात तैयार कर धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस ने जांच के दौरान चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अंकित ने बताया कि बीते 26 दिसम्बर को वीरेन्द्र की पत्नी सोनी तिवारी उसके घर आयी थी और मां रेनू से मिली थी। सोनी ने मां को पल्रोभन दिया था कि अगर जनवरी में होने वाली पेशी पर ओमकार जाली दस्तावेज तैयार कर ठगी का आरोप अपने ऊपर ले ले तो वह उन्हें 70 लाख रुपये देगी।

इसके साथ ही वह ओमकार को जेल से छुड़वाने के लिए वकील से मिलेगी। वहीं, वजीरगंज पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवारवालों के सुपुर्द कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह साफ हो पाएगी।